ठाणे: बॉटल नेक फ्लाईओवर पर फिर छिड़ा सियासी संग्राम, नरेंद्र मेहता ने मंत्री सरनाईक को कहा- डबल रोल नहीं चलेगा

Bottle Neck Flyover Controversy: मीरा-भाईंदर के बॉटल नेक फ्लाईओवर पर मंत्री प्रताप सरनाईक और विधायक नरेंद्र मेहता में विवाद तेज हो गया। मेहता ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
Pratap Sarnaik vs Narendra Mehta On MMRDA Bottle Neck Flyover Controversy In Thane
प्रताप सरनाईक Vs नरेंद्र मेहता (सोर्स: डिजाइन फोटो )
Updated on

MMRDA Bottle Neck Flyover Controversy: ठाणे जिले के मीरा- भाईंदर में चर्चित बॉटल नेक फ्लाईओवर के उद्घाटन को लेकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और विधायक नरेंद्र मेहता के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। फ्लाईओवर के उद्घाटन की जांच को लेकर मंत्री सरनाईक द्वारा भेजे गए पत्र का जवाब देते हुए विधायक नरेंद्र मेहता ने तीखा पलटवार किया और कहा कि इस मामले में आईआईटी की रिपोर्ट पहले ही जमा की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्लाईओवर मामले में 'डबल रोल' नहीं चलेगा।

नरेंद्र मेहता ने क्या आरोप लगाये?

नरेंद्र मेहता ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में फ्लाईओवर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर जांच की मांग की थी। उनका दावा है कि पुल तैयार होने के बावजूद उसे लंबे समय तक जनता के लिए नहीं खोला गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा के बाद ही पुल को यातायात के लिए शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र में भी वह इस प्रकरण के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाएंगे।

विधायक मेहता ने सवाल किया कि फ्लाईओवर के डिजाइन और निर्माण के पीछे जिम्मेदार लोग कौन हैं तथा उनके कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए।

मेहता ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे MMRDA के प्रमुख हैं, इसलिए मंत्री सरनाईक को उनसे मिलकर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की संभावना है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

'केवल नारियल फोड़ने से विकास कार्य पूरे नहीं होते'

दिल्ली दरबार फ्लाईओवर का उल्लेख करते हुए मेहता ने कहा कि वहां अधूरे काम होने के बावजूद पुल चालु कर दिया गया था, जबकि गोल्डन नेस्ट फ्लाईओवर के मामले में अलग रुख अपनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उद्घाटन ही मुद्दा है तो दिल्ली दरबार फ्लाईओवर के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। मेहता ने तंज कसा कि ऐसा डबल रोल नहीं चलेगा।

नरेंद्र मेहता ने भाईंदर पश्चिम में प्रस्तावित ST डिपो का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि सरनाईक द्वारा उद्घाटन किए जाने के नौ महीने बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने मंत्री को ST डिपो निर्माण पूरा करने की चुनौती देते हुए कहा कि 'केवल नारियल फोड़ने से विकास कार्य पूरे नहीं होते।'

बॉटल नेक फ्लाईओवर के उद्घाटन को लेकर मंत्री प्रताप सरनाईक और विधायक नरेंद्र मेहता के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब फिर से राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने से यह मामला आगामी मानसून सत्र में और अधिक गरमाने के संकेत मिल रहे हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com