

भिवंडी: भिवंडी महानगरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख (Bhiwandi Municipal Corporation Commissioner Sudhakar Deshmukh) टैक्स बकाया वसूली पर बेहद सख्ती बरत रहे हैं। भिवंडी महानगरपालिका (Bhiwandi Municipal Corporation) में कार्यरत सभी अधिकारियों की टैक्स वसूली (Tax Collection) में ड्यूटी लगाई गई है, बावजूद करीब दर्जन भर से अधिक महानगरपालिका अधिकारियों ने विभागीय कार्यों का हवाला देते हुए वसूली के लिए नहीं गए। अधिकारियों के टैक्स वसूली में नहीं जाने का मामला संज्ञान में आते ही महानगरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख ने अधिकारियों पर 500 रुपए का आर्थिक दंड (Fine) लगाए जाने का निर्देश महानगरपालिका उपायुक्त दीपक झिंझाड को दिया है। भिवंडी महानगरपालिका कमिश्नर देशमुख के सख्त रवैये से अधिकारियों में हड़कंप मचा हैं।
गौरतलब है कि भिवंडी महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ताहाल होने की वजह से शहर के तमाम विकास कार्य सहित मूलभूत समस्याओं का निराकरण किया जाना भिवंडी महानगरपालिका प्रशासन के लिए बेहद कठिन चुनौती साबित हो रहा है। महानगरपालिका तिजोरी में धन के अभाव की वजह से कई अहम विकास कार्य रुके पड़े हैं। नागरिकों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण नहीं होने से नागरिक भी खासे परेशान है। भिवंडी महानगरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख ने नागरिकों की तकलीफों को गंभीरता से लेते हुए बकाया वसूली पर जोर देते हुए अधिकारियों को भी प्रभाग स्तर पर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है।
भिवंडी महानगरपालिका कमिश्नर सुधाकर देशमुख ने बकाया वसूली के लिए अधिकारियों की बुलाई बैठक में वसूली कार्यों की समीक्षा की। वसूली समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि करीब 20 ऐसे कुशल अधिकारी जिन्हें वसूली कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई वे नियमित तरीके से वसूली कार्य को अंजाम नहीं दे रहे हैं। बकाया वसूली कार्यों में लापरवाही का खुलासा होने पर कमिश्नर ने अधिकारियों पर 500-500 रुपए का आर्थिक जुर्माना लगाकर वेतन से काटे जाने का आदेश महानगरपालिका उपायुक्त (कर) दीपक झिंझाड को दिया है।
कमिश्नर ने बकाया वसूली में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि टैक्स वसूली में लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं होगी। बकाया टैक्स वसूली का टारगेट नहीं पूरा होने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उक्त संदर्भ में कई महानगरपालिका अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मार्च माह होने की वजह से विभागीय कार्य का लोड अत्यधिक है। कमिश्नर के आदेश के उल्लंघन का कोई सवाल ही नहीं है। वसूली आदेश का पालन किया जाएगा।