

नवी मुंबई: पानी बचाने और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) द्वारा हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत महानगरपालिका कमिश्नर राजेश नार्वेकर (NMMC Commissioner Rajesh Narvekar) ने महानगरपालिका क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनी इमारतों में डेवलपर्स द्वारा स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (Rain Water Harvesting System) चालू हैं या नहीं, इसका निरीक्षण करने का निर्देश महानगरपालिका के संबंधित विभाग को दिया है।
महानगरपालिका कमिश्नर राजेश नार्वेकर ने बताया कि जिन भूखंडों पर उपरोक्त व्यवस्था लागू नहीं की गई है, उन भूखंडों पर डेवलपर और सोसायटी धारकों पर सरकारी नियमों के अनुसार प्रति 100 वर्ग मीटर पर प्रति वर्ष 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि साल 2010 से नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल पर बनी करीब 1,800 इमारतों को अब तक ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (OC) दिया गया है। इन इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम काम कर रहा है या नहीं इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ जमीन में पानी का स्तर कम हो रहा है। दूसरी ओर बारिश में देरी के कारण राज्य भर के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। जिसे गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने पानी की बचत और वर्षा जल संचयन जैसी परियोजनाओं पर जोर दिया है। जिस पर नवी मुंबई महानगरपालिका अमल कर रही है।
गौरतलब है कि राज्य में 3 दिसंबर 2020 से नए सिरे से लागू किए गए एकीकृत विकास नियंत्रण एवं संवर्धन नियम (UDCPR) में बारिश के पानी के संचय के लिए अलग-अलग नियम शामिल किए गए हैं। इस रेगुलेशन में मानसून के दौरान गिरने वाले पानी का भंडारण और योजना कैसे बनाई जाए, इसका विवरण दिया गया है। यूडीसीपीआर में उल्लेखित नियमों के अनुसार, 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखंड विकसित करने की अनुमति देते हुए, मानसून के मौसम के दौरान गिरने वाले पानी को संग्रहित करने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसलिए उक्त भूखंड पर भवन निर्माण के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने से पहले यह सुनिश्चित करने के बाद ही अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करने को कहा गया है।
उक्त मामले नवी मुंबई महानगरपालिका प्रशासन को पता चला है कि इमारत का अधिभोग प्रमाण पत्र (OC) प्राप्त करने के बाद संबंधित डेवलपर्स या सोसायटी मालिकों द्वारा रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम की कोई निगरानी नहीं की जाती है। वर्षा जल संचयन प्रणाली को नियंत्रित करने के लिए मुंबई महानगरपालिका के क्षेत्र में एक अलग प्रणाली लागू है, जिसके तहत उक्त सिस्टम की निगरानी की जा रही है। लेकिन नवी मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में ऐसी कोई प्रणाली शुरू नहीं है। मई 2021 में नवी मुंबई महानगरपालिका के तत्कालीन कमिश्नर ने हर छह माह में संबंधित विभाग के अधिकारियों को उक्त सिस्टम का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसे अब सख्ती से लागू करने का निर्णय महानगरपालिका कमिश्नर नार्वेकर ने लिया है।