विसर्जन स्थलों से 6 टन निर्माल्य मनपा ने किया एकत्रित, ठाणे में 8984 प्रतिमाओं का विसर्जन

Thane news: ठाणे और नवी मुंबई मनपा क्षेत्र में गणेशोत्सव के पांचवे दिन हजारों प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। 6 टन निर्माल्य एकत्र कर खाद बनाने की पहल से पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव की मिसाल बनी।
गणेश प्रतिमा विसर्जन (pic credit; social media)
गणेश प्रतिमा विसर्जन (pic credit; social media)
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Maharashtra News: ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र में गणेशोत्सव के पांचवे दिन रविवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन का आयोजन भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। इस दिन मनपा क्षेत्र में कुल 8984 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इनमें 4811 प्रतिमाएं शाडू मिट्टी से और 4173 प्रतिमाएं पीओपी से निर्मित थीं।

ठाणे मनपा द्वारा बनाए गए कृत्रिम विसर्जन तालाबों को इस वर्ष भी श्रद्धालुओं से अच्छा प्रतिसाद मिला। पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव की दिशा में यह पहल राज्य में एक नई मिसाल के रूप में देखी जा रही है। मनपा के गणेश प्रतिमा स्वीकृति केंद्र पर प्राप्त कुल 25 प्रतिमाओं के साथ-साथ मोबाइल विसर्जन व्यवस्था में भी 62 प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया।

वहीं, निर्माल्य संग्रह पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पांचवे दिन ठाणे मनपा द्वारा 6 टन से अधिक निर्माल्य एकत्रित किया गया। इस सामग्री को मनपा के घनकचरा प्रबंधन विभाग की खाद परियोजनाओं में भेजा गया, जहां इसे जैव-खाद में बदलकर उर्वरक के रूप में उपयोग किया जाएगा। ये परियोजनाएं कोलशेत, कौसा और रितु पार्क में संचालित हो रही हैं।

नवी मुंबई मनपा क्षेत्र में भी गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े पैमाने पर हुआ। मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे द्वारा दी गई “पर्यावरण-अनुकूल और प्लास्टिक मुक्त गणेशोत्सव” की अपील को नागरिकों ने सकारात्मक रूप से अपनाया। यहां गणेशोत्सव के पांचवे दिन कुल 7334 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसके लिए मनपा ने 143 कृत्रिम तालाबों सहित कुल 165 विसर्जन स्थल उपलब्ध कराए।

दोनों शहरों में इस वर्ष नागरिकों द्वारा छह फीट तक की गणेश प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाबों में विसर्जन की प्राथमिकता दी गई। इससे न केवल नदी और झीलों पर दबाव कम हुआ बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस पहल भी हुई।

इस तरह ठाणे और नवी मुंबई मनपा क्षेत्र में आयोजित गणेशोत्सव ने धार्मिक आस्था और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का सुंदर संतुलन प्रस्तुत किया।

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