पुलिस के साथ बदतमीजी करना और कॉलर पकड़ना पड़ा भारी, तीन साल के कठोर कारावास की सजा

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ठाणे : पुलिस बंदोबस्त (Police Settlement) के दौरान पुलिस कर्मचारी (Police Staff) के साथ बदतमीजी (Misbehavior) कर उनका कॉलर पकड़ना एक आरोपी (Accused) को भारी पड़ गया। इस प्रकरण में न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर ठाणे जिला सत्र न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉक्टर रचना आर तेहरा ने आरोपी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी को 1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले की सुनवाई ठाणे जिला सत्र न्यायालय में हुई। 

सजायाफ्ता आरोपी का नाम बिलाल शहीद खान है। न्यायालय के समक्ष विशेष सरकारी वकील ने पक्ष रखें। यह घटना 26 जुलाई 2017 की है। शिकायतकर्ता पुलिस कर्मचारी आरोपी को लेकर न्यायालय लाया था। उसके साथ अन्य पुलिसकर्मी भी थे। जिस पुलिस वैन में आरोपी को लेकर पुलिस आई थी, खिड़की में दरवाजे नहीं थे। इस कारण आरोपी बार-बार बाहर हाथ निकाल रहा था। पुलिस ने उसे रोका। इस पर आरोपी ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार किया। 

न्यायालय ने आरोपी को सश्रम कारावास की सजा सुनाई

इसके बाद पुलिस वैन उसे लेकर तलोजा जेल के लिए निकला। इस दौरान आरोपी वैन की खिड़की से हाथ निकालता था। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका तो कैदी ने उसे गालियां दी इतना ही नहीं उस पुलिस कर्मचारी के साथ मारपीट भी की। इस मामले की सुनवाई ठाणे जिला सत्र न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ.रचना आर. तेहरा के समक्ष हुई। आरोपी ने पुलिस कर्मचारी का कॉलर पकड़ लिया और उसके शर्ट का बटन भी तोड़ दिया। इतना ही नहीं इस हाथापाई में पुलिस कर्मचारी का मोबाइल गिर गया था। जैसे ही फरियादी पुलिसकर्मी मोबाइल उठा रहा था आरोपी ने उसे लात से मारा। प्रस्तुत साक्ष्य को मान्य करते हुए न्यायालय ने आरोपी को तीन साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

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