Thane: महावितरण कर्मचारियों की 72 घंटे की हड़ताल शुरू, ‘मेस्मा’ लागू कर सख्त हुई सरकार

Mahavitran में काम करने वाले बिजली कर्मचारी काफी लंबे समय से अपनी मांगों के साथ 9 से 11 अक्टूबर तक हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इस 3 दिवसीय हड़ताल के दौरान बिजली सप्लाई के लिए महावितरण ने मेस्मा लागू किया।
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महावितरण (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane News In Hindi: महावितरण में कार्यरत कर्मचारियों का नेतृत्व करने वाली विविध 7 बिजली कर्मचारी यूनियनों से जुड़े कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर 9 से 11 अक्टूबर तक हड़ताल पर हैं।

इस 3 दिवसीय हड़ताल के दौरान सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महावितरण ने ठोस निर्णय लिए हैं, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को सुचारु बिजली उपलब्ध हो। वहीं महावितरण ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से हड़ताल को अवैध बताते हुए महकमे द्वारा 'मेस्मा' लागू' किया गया है।

महावितरण कर्मचारियों की छुट्टियां की गईं रद्द

महावितरण प्रशासन ने इस हड़ताल से निपटने के लिए आपातकालीन योजना बुधवार को पूरी कर ली और पूरे राज्य में बिजली व्यवस्था को तैयार रखा गया है। साथ ही गंभीर कारणों से ली गई छुट्टियों को छोड़कर, सभी इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। छुट्टी पर गए कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

इस समय महाराष्ट्र भारी बारिश और बाढ़ के संकट से उबर रहा है। इसके लिए सभी सरकारी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। कुछ ही दिनों में दिवाली का त्योहार भी आने वाला है। इस संदर्भ में हड़ताल में भाग लेने वाले सभी कर्मचारियों को बिना देरी किए अपने-अपने कार्यालयों में लौटकर अपने सरकारी कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। महावितरण की ओर से निदेशक (मानव संसाधन) राजेंद्र पवार ने कर्मचारियों से कहा है कि वे बाढ़ की स्थिति के संकट काल और त्योहारों के मौसम में नागरिकों को त्वरित बिजली सेवा प्रदान करके सहयोग करें।

सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए कसी कमर

  • महावितरण ने स्पष्ट किया है कि वह बिजली कर्मचारी संघों की संयुक्त कार्य समिति की सभी मांगों से सहमत है। फिर भी 7 बिजली कर्मचारी संघों ने 9 अक्टूबर से 72 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी है। बिजली एक आवश्यक सेवा है और नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए महाराष्ट्र आवश्यक सेवा संरक्षण अधिनियम (मेस्मा) लागू किया गया है।
  • राज्य ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने संयुक्त कार्य समिति के पदाधिकारियों के साथ एक अलग बैठक की है। इसमें प्रबंधन ने निजीकरण और पुनर्गठन सहित संयुक्त कार्रवाई समिति के अन्य सभी मुद्दों पर अपना सुसंगत और सकारात्मक रुख स्पष्ट किया है।
  • इसकी लिखित कार्रवाई भी संयुक्त कार्रवाई समिति को दे दी गई है। इस हड़ताल की टालने के लिए प्रबंधन ने समय-समय पर संयुक्त कार्य समिति के पदाधिकारियों के साथ सीधी बातचीत की है। हालाकि सभी मांगों पर पर्याप्त स्पष्ट रुख की घोषणा के बावजूद, संयुक्त कार्रवाई समिति ने हड़ताल पर जाने के अपने फैसले पर कायम है।
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