

Hunger Strike Warning In Ambernath: अंबरनाथ रेलवे स्टेशन के पश्चिम में महाराष्ट्र हाउसिंग बोर्ड नाम की पुरानी कॉलोनी है, इनमें छह इमारतों क्रमशः बिल्डिंग क्रमांक 8, 9, 10, 11, 12 तथा 13 इस तरह इसका पुनर्विकास का काम मेसर्स क्रिसटल बालाजी सिटी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को वर्ष 2013 में सारी कानूनी प्रक्रिया के बाद हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले नागरिकों ने दिया था।
संबंधित बिल्डर ने काम भी शुरू किया लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। परिणामस्वरूप सैकड़ों परिवार अब तक अपने नए घरों का इंतजार कर रहे हैं और किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
निवासियों का आरोप है कि डेवलपर ने परियोजना को गंभीरता से नहीं लिया और निर्माण कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है। शुरुआत के कुछ वर्षों तक बिल्डर द्वारा फ्लैटधारकों को किराया दिया गया, लेकिन जून 2019 के बाद से किराया भुगतान भी बंद कर दिया गया। इससे कई परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं।
कुछ परिवारों में कमाने वाला सदस्य नहीं है, जबकि कई बुजुर्ग और निम्न आय वर्ग के लोग किराए के मकानों का खर्च उठाने में असमर्थ हो चुके हैं। रहवासियों का कहना है कि बिल्डर न तो परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी देता है और न ही उनसे संपर्क रखता है।
लगातार बढ़ती महंगाई और किराए के बोझ के कारण परिवारों की स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। उनका कहना है कि वर्षों से वे केवल आश्वासन सुन रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
अपनी समस्याओं से परेशान होकर रहवासियों ने अंबरनाथ के नायब तहसीलदार दीपक अनारे को निवेदन सौंपा है। निवेदन में उन्होंने बताया कि वर्षों से घर और किराए दोनों की समस्या झेलने के बाद अब उनके सामने गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट खड़ा हो गया है।