महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता गिरफ्तार, अब तक 4 राज्यों की परीक्षा में कर चुका कांड

Maha TET Paper Leak: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
Maha TET Paper Leak Mastermind bijendra gupta Arrested
महाराष्ट्र TET पेपर लीक का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Maha TET Paper Leak Mastermind Arrested: महाराष्ट्र में सरकारी शिक्षक बनने की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गैंग पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। TET परीक्षा पेपर लीक मामले के मुख्य आरोपी बिजेंद्र गुप्ता को पुलिस ने दबोच लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद परीक्षा घपले के तार कई राज्यों से जुड़ते दिख रहे हैं।

महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक कथित देशव्यापी सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला ब्रजेंद्र गुप्ता है। महाराष्ट्र पुलिस का दावा है कि ब्रजेंद्र की भूमिका सिर्फ इसी मामले तक सीमित नहीं है; वह कई राज्यों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने वाले नेटवर्क से सालों से जुड़ा रहा है।

तीन आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

ठाणे पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान ब्रजेंद्र गुप्ता का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। महाराष्ट्र पुलिस की कई टीमें उसे पकड़ने के लिए दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार छापेमारी की।

2011 के पेपर लीक मामले में भी सामने आया था नाम

पेपर लीक मामले में ब्रजेंद्र गुप्ता का नाम पहली बार सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह 2011 में सामने आए एक बड़े पेपर लीक मामले में भी आरोपी हैं। जांच एजेंसियों का मानना ​​है कि वह लंबे समय से उस नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं जो अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक करने का काम करता है।

महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले की जांच कर रही पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए उनके पुराने मामलों से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, गुप्ता कथित तौर पर लगभग 25 वर्षों से इस गैर-कानूनी धंधे में शामिल रहे हैं।

आरोप है कि उन्होंने सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र हासिल करने और उन्हें उम्मीदवारों तक पहुंचाने के लिए एक देशव्यापी नेटवर्क बनाया था। पुलिस फिलहाल इस दावे की पुष्टि के लिए अलग-अलग राज्यों की एजेंसियों से जानकारी जुटा रही है।

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