KDMC को प्रॉपर्टी टैक्स में 192 करोड़ का झटका, 600 करोड़ लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 407 करोड़ वसूली

KDMC budget News: कल्याण-डोंबिवली मनपा को प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में 192 करोड़ का घाटा हुआ है। 600 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 407 करोड़ की वसूली हो सकी, जो प्रशासन की बड़ी विफलता है।
KDMC faced a major financial setback as property tax collection fell short by 192 crore. Against a 600 crore target, only 407 crore was collected by March 2026.
केडीएमसी के संपत्ति कर संग्रह में 193 करोड़ रुपये की गिरावट आई (सोर्स: सोशल मीडिया)
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 Kalyan Dombivli Municipal Corporation News: कल्याण-डोंबिवली मनपा की आर्थिक सेहत पर इस बार बड़ा झटका लगा है। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में प्रशासन पूरी तरह फेल नजर आया है। 600 करोड़ रुपये के बड़े लक्ष्य के मुकाबले महज 407 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके, जिससे सीधे-सीधे 192 करोड़ रुपये का भारी घाटा सामने आया है। नगरपालिका की आय का सबसे बड़ा जरिया माने जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स में इतनी बड़ी कमी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आंकड़े बताते हैं कि इस साल केडीएमसी सिर्फ 64 प्रतिशत लक्ष्य ही हासिल कर पाई। यानि हर तीन में से एक रुपये वसूली से बाहर रह गया। 1 अप्रैल 2025 से 30 मार्च 2026 तक वित्त विभाग ने बकाया और चालू टैक्स वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया। आयुक्त अभिनव गोयल ने दो महीने पहले ही अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त चेतावनी दी थी कि लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कार्रवाई होगी।

कहां चूका सिस्टम ?

बजट में 236 करोड़ रुपये बकाया टैक्स और 364 करोड़ रुपये चालू टैक्स से वसूलने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन असल में बकाया से सिर्फ 126.44 करोड़ और चालू कर से 290.51 करोड़ रुपये ही आए। यानि दोनों ही मोर्चों पर वसूली उम्मीद से काफी पीछे रही।

कुछ वार्ड ने दिखाया दम

  • 15 दिन पहले 112 कर्मचारियों को व्यक्तिगत वसूली के टारगेट भी दिए गए थे। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे, वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन सोमवार को भी कर्मचारियों ने करीब 11 करोड़ रुपये की वसूली की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
  • प्रभागवार प्रदर्शन में 'एफ' वार्ड के सहायक आयुक्त प्रसाद ठाकुर और उनकी टीम ने लक्ष्य से करीब 3 करोड़ रुपये ज्यादा वसूली कर मिसाल पेश की। वहीं 'ई' वार्ड सबसे पीछे रहा, जहां वसूली बेहद कमजोर रही।

आर्थिक स्थिति संभालना जरूरी

  • विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी टैक्स में आई इस बड़ी कमी का सीधा असर निगम के विकास कार्यों और आर्थिक संतुलन पर पड़ेगा। आने वाले वित्तीय वर्ष में केडीएमसी को खर्च और आय के बीच संतुलन बनाने के लिए अब उसे अपनी आर्थिक स्थिति संभालने के लिए बहुत सावधानी और समझदारी से फैसले लेने होंगे।
  • अंतिम आंकड़े अभी अपडेट हो रहे है और आगे भी प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अभियान तेज किया जाएगा और टैक्स वसूली का टार्गेट पूरा कर लिया जाएगा। बालासाहेब चव्हाण, संचालक कर निर्धारण विभाग
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