कल्याण-डोंबिवली मनपा में 85 करोड़ के कचरा ठेके पर सवाल, सामाजिक कार्यकर्ता ने एसीबी जांच की मांग की

KDMC के घनकचरा प्रबंधन विभाग में अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने उपायुक्त पर ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच की मांग की है।
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कल्याण डोंबिवली मनपा (सौ. सोशल मीडिया )
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Kalyan Dombivali Garbage Irregularities: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के घनकचरा प्रबंधन विभाग में अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता गणेश यादव ताटे ने मनपा के उपायुक्त रामदास कोकरे पर पद और अधिकारों का दुरुपयोग कर ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने इस संबंध में अतिरिक्त आयुक्त, नगर विकास विभाग और ठाणे के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में मनपा ने शहर के सात प्रभाग-4/जे, 5/ड, - 6/ह, 7/फ, 8/ग, 9/आय और 10/ई-में कचरा संकलन और परिवहन का ठेका मे। सुमित ऐल्को प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड को 10 साल के लिए दिया है।

इस ठेके की सालाना कीमत करीब 85 करोड़ रुपये बताई जा रही है। करार के मुताबिक इन प्रभागों में कचरा उठाने और ढुलाई की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की है। ताटे का आरोप है कि 12 दिसंबर 2025 को उपायुक्त रामदास कोकरे ने आदेश जारी कर मनपा के कई सफाई कर्मचारियों को अन्य प्रभागों से हटाकर 9/आय प्रभाग में कचरा संकलन और सड़क सफाई के काम में लगा दिया, जबकि यह काम पहले से ही ठेकेदार के जिम्मे था। उनके मुताबिक इससे एक ही काम के लिए दोहरा खर्च हुआ-एक तरफ ठेकेदार को भुगतान होता रहा और दूसरी ओर मनपा कर्मचारियों का वेतन भी मनपा को देना पड़ा।

अधिकारियों से हो वसूली

शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामला उजागर होने के बाद 22 जनवरी 2026 को नया आदेश जारी कर कर्मचारियों को फिर से उनके पुराने प्रभागों में भेज दिया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह और बढ़ गया है। ताटे ने मांग की है कि इस अवधि में कर्मचारियों को दिए गए वेतन की वसूली जिम्मेदार अधिकारियों से की जाए और पूरे प्रकरण की एसीबी से जांच कराई जाए।