ठाणे: बारिश में बेजुबानों को न भगाएं, उन्हें सुरक्षित आश्रय दें, समिति ने लोगों से की संवेदनशील बनने की अपील

Animal Care in Monsoon: लगातार बारिश के बीच जैसल पार्क चौपाटी कल्याण समिति ने नागरिकों से बेजुबान पशु-पक्षियों को सुरक्षित आश्रय, भोजन और पानी उपलब्ध कराने की भावुक अपील की।
Jaisal Park Kalyan Samiti On Thane Animal Care in Monsoon
बारिश से बचते बेजुबान पशु (फोटो नवभारत)
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Thane Animal Care in Monsoon: लगातार हो रही बारिश ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने भी जीवन बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे समय में जैसल पार्क चौपाटी कल्याण समिति ने नागरिकों से मानवीय संवेदनाएं दिखाने और जरूरतमंद पशु-पक्षियों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की है।

समिति के महासचिव एवं जीवदया प्रेमी डॉ. नरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि तेज बारिश के दौरान कुत्ते, बिल्लियां और अन्य आवारा पशु दुकानों, इमारतों के पोर्च, छज्जों या अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की कोशिश करते हैं।

कई बार लोग उन्हें वहां से भगा देते हैं, जिससे वे भीगने के साथ दुर्घटनाओं का भी शिकार हो जाते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि ऐसे पशुओं को कुछ समय के लिए सुरक्षित आश्रय दें और उनके प्रति सहानुभूति का व्यवहार करें।

भोजन, पानी और घोंसलों की सुरक्षा

समिति ने कहा कि बारिश के दिनों में पशु-पक्षियों को भोजन और स्वच्छ पानी मिलना भी कठिन हो जाता है। ऐसे में यदि लोग अपने घर, दुकान या सोसायटी परिसर के बाहर साफ पानी का बर्तन और थोड़ा भोजन रख दें, तो अनेक बेजुबान जीवों की मदद हो सकती है।

डॉ. गुप्ता ने यह भी अपील की कि पेड़ों पर बने पक्षियों के घोंसलों को नुकसान न पहुंचाया जाए और यदि किसी कारणवश कोई घायल पक्षी या पशु दिखाई दे, तो उसकी सहायता के लिए स्थानीय पशु सेवा संस्थाओं या प्रशासन से संपर्क किया जाए।

समिति सोशल मीडिया, जनसंपर्क अभियानों और स्थानीय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जीवदया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है।

जीवदया सेनानी लगातार कर रहे सेवा कार्य

जैसल पार्क चौपाटी कल्याण समिति के जीवदया सेनानी भरत लाल अग्रवाल, सुशील पोद्दार, संतोष कुचेरिया, हेमलता सिंह और चेतन देव सहित अन्य पशु प्रेमी लगातार बारिश के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भोजन, स्वच्छ पानी और आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

समिति का कहना है कि समाज की संवेदनशीलता ही ऐसे जीवों के जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि मानसून के दौरान यदि कोई पशु या पक्षी संकट में दिखाई दे, तो उसकी अनदेखी न करें, बल्कि यथासंभव सहायता प्रदान करें।

समिति का मानना है कि जीवों के प्रति करुणा और सेवा की भावना ही एक संवेदनशील और जिम्मेदार समाज की पहचान है तथा इसी सोच के साथ सभी नागरिकों को इस मानवीय अभियान में भागीदार बनना चाहिए।

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