

ईडी द्वारा 2022 में जब्त किए गए इकबाल कास्कर के फ्लैट में बदमाशों ने घुसपैठ की।
बदमाशों ने संपत्ति का ताला तोड़कर और ईडी का कब्जा नोटिस हटाकर अतिक्रमण किया था।
पुलिस बल की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदलकर कब्जा बहाल किया गया और एफआईआर दर्ज हुई।
Dawood Ibrahim Brother Flat Encroachment: भगोड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिन्होंने ठाणे स्थित उस फ्लैट में घुसपैठ की थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने एक बयान में कहा कि यह फ्लैट ईडी द्वारा 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान जब्त किया गया था। यह मामला आरोपी इकबाल कास्कर, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के छोटे भाई द्वारा जबरन वसूली से संबंधित था।
ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस-वन के कब्जे में मौजूद 'पुष्टि की गई जब्त संपत्तियों' में घुसपैठ करने वाले बदमाशों के खिलाफ निवारक कार्रवाई के रूप में एफआईआर दर्ज की गई है।
ईडी ने कहा कि ठाणे (पश्चिम) में एक फ्लैट का कब्जा बहाल करने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 15 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी।
ईडी ने आगे कहा कि अवैध रूप से संपत्ति में अनाधिकृत प्रवेश और अतिक्रमण के संबंध में ठाणे के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में 15 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई है, ताकि मामले की जांच की जा सके और अतिक्रमणकारियों को दंडित किया जा सके।
ईडी ने बताया कि इकबाल कास्कर और अन्य के खिलाफ जबरन वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान 8 अप्रैल, 2022 के अनंतिम कुर्की आदेश द्वारा संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया गया था।
बयान में कहा गया है कि बाद में न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा पीएमएलए की धारा 8(3) के तहत 29 सितंबर, 2022 के आदेश द्वारा अनंतिम कुर्की की पुष्टि की गई और पीएमएलए की धारा 8(4) के तहत ईडी द्वारा 17 दिसंबर, 2024 को फ्लैट का कब्जा भी ले लिया गया।
ठाणे शहर के कासरवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी। इस एफआईआर में इकबाल कास्कर, मुमताज अजाज शेख उर्फ राजू, इसरार अली जमील सैयद और अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप थे।
ईडी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि धमकियों और जबरन वसूली के बल पर आरोपियों के नाम पर या उनके इशारे पर फ्लैट पंजीकृत करने की मांग की गई थी। इस संदर्भ में, ईडी ने बताया कि फ्लैट नंबर 405 29 मई को मुमताज अजाज शेख के नाम पर पंजीकृत किया गया था।
बयान में कहा गया है कि यह जानकारी मिली कि कुछ लोग संपत्ति में घुस गए, ताला तोड़ दिया और ईडी का कब्जा नोटिस हटा दिया। ईडी ने निरीक्षण किया और कुर्क की गई संपत्ति की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए।
मामले को विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष भी रखा गया, जिसने ईडी को निर्देश दिया कि यदि आवश्यक हो तो पुलिस की सहायता से कब्जा बहाल किया जाए। ईडी ने कहा कि अनुपालन में और संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों और गवाहों की उपस्थिति में उक्त फ्लैट का ताला बदल दिया गया और फ्लैट का कब्जा बहाल कर दिया गया।
इसमें यह भी जोड़ा गया कि परिसर में एक नया नोटिस भी चिपकाया गया है जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति ईडी कार्यालय या उस न्यायालय से संपर्क कर सकता है जहां मामले की सुनवाई चल रही है।