बदलापुर मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने 26 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा

मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलवे स्टेशन और बदलापुर के अन्य हिस्सों में पथराव की घटनाओं में शहर पुलिस के कम से कम 17 कर्मी और करीब आठ रेलवे पुलिसकर्मी घायल हो गए और जांचकर्ताओं ने हिंसा के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है।
बदलापुर मामले के आरोपी अक्षय शिंदे की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने 26 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा
कोर्ट ने आरोपी अक्षय शिंदे को 26 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा
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ठाणे: महाराष्ट्र में ठाणे जिले के बदलापुर में दो बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की मुश्किलें बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि दो स्कूली बच्चियों का यौन शोषण करने के आरोपी की पुलिस हिरासत की अवधि 26 अगस्त तक बढ़ाई।

आरोपी को कल्याण कोर्ट में पेश किया गया था। इससे पहले भी अदालत ने उन्हें 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था। जिसके खत्म होने के बाद आज उन्हें फिर अदालत के समक्ष पेश किया गया। जहां कोर्ट ने 26 अगस्त तक पुलिस हिरासत बढ़ा दी है।

शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद, हिंसा के सिलसिले में 72 लोग को गिरफ्तार

इससे पहले, दो बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न खिलाफ व्यापक पैमाने पर प्रदर्शनों के मद्देनजर बुधवार को शहर में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और अधिकतर स्कूल बंद रहे। अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलवे स्टेशन और बदलापुर के अन्य हिस्सों में पथराव की घटनाओं में शहर पुलिस के कम से कम 17 कर्मी और करीब आठ रेलवे पुलिसकर्मी घायल हो गए और जांचकर्ताओं ने हिंसा के सिलसिले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है।

धीरे-धीरे सामान्य हो रही स्थिति

उन्होंने बताया कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बदलापुर में एक स्कूल के शौचालय में चार वर्षीय दो बच्चियों का सफाईकर्मी द्वारा कथित यौन उत्पीड़न किये जाने के बाद हजारों प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को बदलापुर रेलवे स्टेशन की पटरियों को अवरुद्ध कर दिया और विद्यालय परिसर में धावा बोल दिया। विरोध प्रदर्शनों के कारण पूरा बदलापुर मानो थम सा गया।

प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज

प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और बच्चियों के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपनी नाराजगी जताने के लिए स्कूल भवन में तोड़फोड़ की। पुलिस ने रेल पटरियों पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सुधाकर पठारे ने बुधवार को बताया कि विरोध प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिंसा के मद्देनजर शहर में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं।

क्या है मामला

पुलिस में दी गई शिकायत के अनुसार, उसने स्कूल के शौचालय में छात्राओं का यौन उत्पीड़न किया था। इस घटना के मद्देनजर स्कूल प्रबंधन ने प्राचार्य, एक कक्षा अध्यापक और एक सहायिका को निलंबित कर दिया है। राज्य सरकार ने एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सहित तीन पुलिस अधिकारियों को बच्चियों के यौन उत्पीड़न मामले की जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने का मंगलवार को आदेश दिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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