घोडबंदर में पानी की किल्लत को लेकर बीजेपी ने महानगरपालिका प्रशासन पर साधा निशाना

Water Morcha
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ठाणे : घोडबंदर परिसर में पानी की समस्या (Water Problem) कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। दिनों दिन बढ़ती समस्या को लेकर बीजेपी (BJP) ने एक बार फिर महानगरपालिका (Municipal Corporation) मुख्यालय पर बीजेपी की तरफ से मोर्चा (Front) निकाला गया। शहर में पानी समस्या को लेकर बीजेपी का यह आठवां मोर्चा बताया गया है। विधायक और बीजेपी शहर अध्यक्ष निरंजन डावखरे, विधायक संजय केलकर, पूर्व नगरसेवक मनोहर डुंबरे के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने कमिश्नर डॉ. विपिन शर्मा से मुलाकात की और उन्हें एक निवेदन दिया। निवेदन में घोडबंदर रोड की पानी समस्या को जल्द सुलझाने और महानगरपालिका क्षेत्र की पानी परेशानी को दूर करने के लिए स्वतंत्र डैम बनाने की दिशा में योग्य निर्णय लेने की मांग की गई है। बीजेपी ने चेतावनी दी है कि जब तक पानी की समस्या नहीं सुलझती है और महानगरपालिका का खुद का पानी का स्रोत नहीं बनता है। उनका आंदोलन जारी रहेगा। बीजेपी ने वागले इस्टेट परिसर को 10 एमएलडी अधिक पानी देने और घोड़बंदर रोड के लोगों के साथ भेदभाव करने का आरोप जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे पर लगाया है। बीजेपी ने पानी की किल्लत को लेकर शिवसेना को जबाबदार ठहराया है। उनका आरोप है कि शिवसेना की सह पर घोडबंदर परिसर में टैंकर लॉबी जोरों पर सक्रिय है। इसलिए पानी की समस्या को खत्म करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। 

ज्ञात हो कि बीजेपी ने पिछले दिनों सोशल मीडिया पर "वॉर अगेंस्ट टैंकर माफिया" अभियान चलाया था और नागरिकों का अच्छा साथ उन्हें मिला है। इस मोर्चे में बीजेपी प्रदेश सचिव संदीप लेले, पूर्व नगरसेविका अर्चना मणेरा, कमल चौधरी, कविता पाटील, संजय तांडेल, महासचिव विलास साठे, कैलास म्हात्रे, उपाध्यक्ष सागर भदे, सचिन मोरे, सचिन केदारी, सचिव सुनील काबरा इत्यादि उपस्थित थे। 

'वागले इस्टेट क्षेत्र में 10 लाख लीटर पानी की आपूर्ति करने की घोषणा की गई। जबकि घोड़बंदर रोड को अधर में छोड़ दिया गया। क्या अभिभावक मंत्री केवल वागले इस्टेट के पालकमंत्री हैं?' यदि भविष्य में पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो महानगरपालिका की घेराबंदी कर दी जाएगी'।- संजय केलकर (विधायक-बीजेपी, ठाणे शहर) 

'घोडबंदर रोड क्षेत्र में घरों और इमारतों से करोड़ों रुपये का संपत्ति कर वसूला जाता है। लेकिन शिवसेना 25 साल से ठाणे महानगरपालिका पर शासन कर रही है। लेकिन, सत्तारूढ़ शिवसेना एक स्वतंत्र बांध बनाने में विफल रही। 2017 में हुए महानगरपालिका चुनाव में भी, शिवसेना ने एक स्वतंत्र बांध बनाने का वादा किया था, वह अभी तक पूरा नहीं हुआ है, शिवसेना ने ठाणेकर को धोखा दिया है।'- मनोहर डुंबरे (पूर्व बीजेपी गटनेता, ठाणे महानगरपालिका)

'कमिश्नर डॉ. विपिन शर्मा ने बीजेपी प्रतिनिधिमंडल को बंद कूप नलिकाओं को शुरू करने, कुओं को साफ करने, डेवलपर्स द्वारा लिए गए अवैध पाइप लाइन कनेक्शन खोजने और उन्हें डिस्कनेक्ट करने का आश्वासन दिया है। साथ ही पानी की की आपूर्ति नियमित करने का भी आश्वासन दिया है।'- निरंजन डावखरे (अध्यक्ष, ठाणे बीजेपी)

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