'उद्धव ठाकरे को मिला 2019 के विश्वासघात का जवाब', KDMC में मनसे के शिवसेना को समर्थन को लेकर BJP का तीखा हमला

Thane News: कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में मनसे के 5 पार्षदों ने भाजपा-शिंदे शिवसेना को समर्थन दिया। इस सियासी फेरबदल से उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को झटका लगा, भाजपा ने इसे राजनीतिक न्याय बताया।
BJP leader Navnath Ban said MNS supporting Shiv Sena In Kdmc is tantamount to Uddhav betrayal of Fadnavis
भाजपा नेता नवनाथ बन व उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Navnath Ban On MNS Supporting Shiv Sena: महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन के समीकरणों ने एक नया मोड़ ले लिया है। ठाणे जिले की कल्याण-डोंबिवली महानगपालिका में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पार्षदों ने सत्ताधारी महायुति को समर्थन देने की घोषणा की है। इस कदम ने जहां उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका दिया है, वहीं भाजपा ने इसे राजनीतिक न्याय करार दिया है।

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में बुधवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम हुआ, जब राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे के पांच पार्षदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा गठबंधन को समर्थन देने की पेशकश की।

भाजपा ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य भाजपा के मीडिया प्रभारी नवनाथ बन ने दावा किया कि यह उद्धव ठाकरे के लिए उनके पुराने कृत्यों का परिणाम है। बन के अनुसार, 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस के साथ जो 'विश्वासघात' किया था, अब उन्हें उसी का फल मिल रहा है।

उद्धव ठाकरे ने मनसे को किया कमजोर

भाजपा नेता नवनाथ बन ने यह गंभीर आरोप लगाया है कि शिवसेना (यूबीटी) ने गठबंधन के नाम पर मनसे को राजनीतिक रूप से कमजोर किया है। उन्होंने उदाहरण दिया कि मुंबई में 2017 के चुनावों की तुलना में राज ठाकरे की पार्टी के पार्षदों की संख्या में गिरावट आई है। केडीएमसी का यह नया समीकरण उद्धव ठाकरे के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दोनों दलों ने हाल ही में 15 जनवरी को बीएमसी चुनाव मिलकर लड़ा था। बन का मानना है कि कल्याण-डोंबिवली की यह स्थिति महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी दोहराई जा सकती है, जहां मतदाता प्रधानमंत्री मोदी और फडणवीस को विकास के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं।

हिंदुत्व और विकास के मुद्दे पर एकजुटता

मिली जानकारी के मुताबिक मनसे ने यह समर्थन मुख्य रूप से विकास और हिंदुत्व के एजेंडे को मजबूती देने के लिए दिया है। भाजपा का दावा है कि मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और कल्याण-डोंबिवली के मतदाताओं ने महायुति को स्पष्ट जनादेश दिया है। बन ने कहा कि लोग अब खोखली राजनीति के बजाय ठोस विकास कार्यों के साथ जुड़ रहे हैं, जो महायुति सरकार की पहचान है।

संजय राउत पर क्या बाेले नवनाथ बन?

संजय राउत द्वारा इस गठबंधन को राज ठाकरे का आधिकारिक निर्णय न बताने पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। नवनाथ बन ने कहा कि जिन नेताओं ने 2019 में जनादेश का अपमान किया, उन्हें नैतिकता पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे का नेतृत्व पालघर में साधुओं की हत्या के समय चुप रहा था और अब हार के डर से संतों के प्रति चिंता व्यक्त कर रहा है। दूसरी ओर, मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने इस कदम को स्थानीय स्तर पर बनी आपसी सहमति का हिस्सा करार दिया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com