

-शैलेंद्र सिंह
मुंबई/नवी मुंबई: मुंबई और आस पास के शहरों में आर्किटेक्चर और बिल्डिंग (Architecture and Building) बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ठोस कांच का भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रमाणीकरण के बिना धड़ल्ले से उत्पादन और बिक्री किया जा रहा है। मामले को लेकर बीआईएस ऐसी कंपनियों पर छापे मार रही है जो बीआईएस प्रमाणन के बिना ठोस कांच (Glass) के उत्पादन बिक्री में लिप्त हैं।
बीआईएस अधिनियम-2016 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति वैध लाइसेंस के अलावा, मानक चिह्न के बिना गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के तहत अनिवार्य किए गए ऐसे किसी भी सामान का निर्माण, आयात, वितरण, बिक्री, किराया, लीज, स्टोर या बिक्री के लिए प्रदर्शन नहीं कर सकता।
बीआईएस मुंबई शाखा II के उप निदेशक टी. अर्जुन और सहायक निदेशक विवेक वर्धन रेड्डी की टीम सेफ्टी ग्लास क्वालिटी कंट्रोल आर्डर (क्यूसीओ) 2022 के उल्लंघन के संबंध में शिकायत मिली थी जिसके बाद कार्रवाई कार्रवाई करते हुए टीम ने नवी मुंबई के रबाले इलाके में स्थित मैसर्स फ्यूचर सेफ्टी ग्लास इंडस्ट्रीज पर छापा मारा। छापे के दौरान यह पाया गया कि कंपनी बीआईएस प्रमाणन के बिना आर्किटेक्चरल, बिल्डिंग और अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ठोस कांच के निर्माण और बिक्री में शामिल थी।
बीआईएस के सहायक निदेशक विवेक वर्धन रेड्डी ने बताया कि सुरक्षा कांच क्यूसीओ 2022 के अनुसार, 1 अप्रैल से सभी सेफ्टी ग्लास आईएस 2553 के अनुसार बीआईएस प्रमाणित होने चाहिए और उस पर वैध बीआईएस लाइसेंस संख्या के साथ बीआईएस मानक चिन्ह होना चाहिए। उन्होंने बताया कि तलाशी और जब्ती के दौरान मिले ठोस कांच आईएस 2553 के अनुसार बीआईएस प्रमाणित नहीं था, जो सेफ्टी ग्लास क्यूसीओ 2022 का उल्लंघन है। छापे के दौरान लगभग 360 वर्ग मीटर सामग्री पाई गई, जो इंगित करती है कि फर्म बीआईएस प्रमाणीकरण के बिना ठोस कांच के निर्माण में शामिल थी जो बीआईएस अधिनियम 2016 के खंड 17 (1) का उल्लंघन है।
एक अधिकारी ने बताया कि क्यूसीओ के आदेश का उल्लंघन करने पर दो साल तक की कैद या बीआईएस अधिनियम 2016 के अनुसार न्यूनतम 2 लाख रुपए का जुर्माना अथवा कैद और जुर्माना दोनों हो सकते हैं। रेड्डी ने बताया कि बीआईएस अपने अभियान के तहत अलग-अलग कंपनियों का दौरा करेगी और बीआईएस अधिनियम की उलंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बीआईएस ने लोगों से अपील की है कि अनिवार्य उत्पादों की सूची का पता लगाने के लिए बीआईएस केयर एप का उपयोग और hmubo2@bis.gov.in पर शिकायत करने की अपील की हैं।