बदलापुर कांड: 'नियम माने होते तो टल सकती थी घटना', उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने स्कूल प्रशासन को घेरा

Badlapur Child Abuse Case: बदलापुर बाल शोषण मामले पर विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने माना कि सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही के कारण घटना नहीं रोकी जा सकी।
Neelam Gorhe: बदलापुर कांड: 'नियम माने होते तो टल सकती थी घटना', उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने स्कूल प्रशासन को घेरा
महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Neelam Gorhe Statement: महाराष्ट्र के बदलापुर में हुई मासूम के साथ दरिंदगी ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरहे ने स्थिति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि यदि स्कूलों ने पिछले चार वर्षों से लागू सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन किया होता, तो इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रोका जा सकता था।

सुरक्षा नियमों की अनदेखी का गंभीर परिणाम

बदलापुर में प्री-स्कूल की छात्रा के साथ हुई घटना के बाद शहर का दौरा करने पहुंचीं नीलम गोरहे ने प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइंस कागजों तक ही सीमित रह गईं। विशेष रूप से स्कूलों को विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए जो निवारक उपाय करने थे, उनमें भारी लापरवाही बरती गई। नीलम गोरहे ने बताया कि पिछले चार सालों से नियम लागू होने के बावजूद जमीन पर उनका असर नहीं दिख रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर स्कूल की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है।

परिवहन सुरक्षा और महिला परिचारिका की अनिवार्यता

छात्रों के आवागमन पर चर्चा करते हुए उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि छात्रों को घर से स्कूल लाने-ले जाने की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में एक महिला परिचारिका (Female Attendant) का होना अनिवार्य है, जिसकी अनुपस्थिति के कारण अपराधी को मौका मिला। नीलम गोरहे ने कहा कि वैन चालकों और ठेकेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन और बैकग्राउंड चेक अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि चालक किसी भी प्रकार के नशे का आदी न हो और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो।

प्री-स्कूलों के लिए बनेगा नया नीतिगत ढांचा

वर्तमान में प्री-स्कूल (पूर्व-प्राथमिक विद्यालय) किसी भी विभाग के सीधे नियंत्रण में नहीं आते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा 'लूपहोल' साबित हो रहा है। नीलम गोरहे ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगी ताकि प्री-स्कूलों को शिक्षा विभाग के दायरे में लाने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जा सके।

प्रशासनिक कार्रवाई और कोर्ट का कड़ा रुख

बदलापुर मामले में आरोपी वैन ड्राइवर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और कल्याण जिला सत्र न्यायालय ने उसे 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास वैध आरटीओ लाइसेंस तक नहीं था, जिसके चलते परिवहन विभाग ने उस पर 24,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

अवैध स्कूलों पर शिकंजा

शिक्षा विभाग ने बदलापुर में संचालित 10 बिना अनुमति वाले स्कूलों की पहचान की है, जिनमें से 3 को तुरंत बंद कर दिया गया है। बाल अधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की तैयारी की जा रही है।

भविष्य की रणनीति और महिला सतर्कता समितियां

नीलम गोरहे ने पुलिस प्रशासन को शहर में 'महिला सतर्कता समितियों' को फिर से सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि आरोपियों को किसी भी हाल में जमानत न मिले, इसके लिए सख्त कानूनी पैरवी की जाएगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर स्कूली छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक फूलप्रूफ प्लान तैयार किया जा रहा है।

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