शिंदे की एक और योजना बंद, दानवे ने साधा निशाना, बोले- जनता की उम्मीदों की उड़ाई धज्जियां

Thane News: शिंदे सरकार की लोकप्रिय योजनाएं बंद हो रही हैं। ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ के बाद कई योजनाओं पर भी ब्रेक लगा है। दानवे ने इसे लेकर सरकार को घेरा है।
अंबादास दानवे, एकनाथ शिंदे (pic credit; social media)
अंबादास दानवे, एकनाथ शिंदे (pic credit; social media)
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Ambadas Danve Target Eknath Shinde: महाराष्ट्र की राजनीति में फिर एक बड़ा विवाद सामने आया है। विधानसभा बदलापुर में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की महायुति सरकार को बड़ा झटका लगा है। भाजपा-राकांपा गठबंधन के चलते शिंदे की लोकप्रिय योजनाओं पर ब्रेक लग गया है। खासतौर पर ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण (लाडली बहन) योजना’ के बाद तिजोरी खाली होने का असर अब अन्य योजनाओं पर पड़ रहा है।

शिवसेना यूबीटी नेता और विधान परिषद के पूर्व नेता अंबादास दानवे ने बंद होती योजनाओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जिन योजनाओं से आम आदमी को लाभ मिलने की उम्मीद थी, उन्हें बंद करके फडणवीस सरकार ने अपने ही सहयोगियों के फैसलों की धज्जियां उड़ाई हैं।

कौन-कौन सी योजनाएं बंद हुईं?

पहले ही आठ प्रमुख योजनाएं बंद हो चुकी हैं, अब ‘मुख्यमंत्री मेरा विद्यालय, सुंदर विद्यालय योजना’ भी बंद होने के कगार पर है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के स्कूलों का आधुनिकीकरण करना था। हालांकि अक्टूबर का महीना खत्म होने को है और इस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है।

पहले बंद हुई योजनाओं में शामिल हैं, आनंदाचा शिधा, मेरा सुंदर स्कूल, 1 रुपए में फसल बीमा, स्वच्छता मॉनिटर, यदीं, प्यारे भाई के लिए अप्रेंटिसशिप, योजना दूत योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना।

राजनीतिक और चुनावी असर

बदलापुर और अंबरनाथ में बीजेपी और राकांपा के गठबंधन की संभावना से शिंदे के सामने चुनौती बढ़ गई है। बदलापुर नगरपालिका चुनाव में बीजेपी विधायक किशन कठोर और शिवसेना शहर प्रमुख वामन म्हात्रे के बीच विवाद भी जारी है, जिससे चुनावी रणनीति पर असर पड़ रहा है। दानवे का तंज साफ है कि महायुति सरकार ने शिंदे के समय में शुरू हुई लुभावनी योजनाओं को बंद करके आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ योजनाओं का नुकसान नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की अनदेखी भी है।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

फडणवीस सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। हालांकि यह स्पष्ट है कि बंद की गई योजनाओं के कारण सामाजिक कल्याण और शिक्षा क्षेत्र में व्यापक असर पड़ सकता है।

महाराष्ट्र में चुनाव 2024 के दृष्टिगत यह मुद्दा राजनीतिक चर्चाओं में प्रमुख बनेगा और जनता के बीच शिंदे सरकार की योजनाओं की निरंतरता पर सवाल उठाएगा।

महाराष्ट्र में शिंदे सरकार की लोकप्रिय योजनाएं बंद हो रही हैं। ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ के बाद कई योजनाओं पर ब्रेक लगा। दानवे ने सरकार पर निशाना साधा, आम जनता की उम्मीदें प्रभावित हुईं।

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