

Nashik Woman Harassment Case: नासिक टीसीएस कंपनी की महिला कर्मचारी के साथ उत्पीड़न, छेड़छाड़ और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के चर्चित मामले में विशेष जांच दल ने अब कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को छिपने के लिए आश्रय (पनाह) उपलब्ध कराने के आरोप में छत्रपति संभाजीनगर के एमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल को एसआईटी ने पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उसे सोमबार 25 मई को नासिक में हाजिर होने का आदेश दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवलाली कैंप इलाके की पीड़ित युवती को प्रेम जाल में फंसाकर उसके साथ जबरन उत्पीड़न करने का आरोप मुख्य संदिग्ध पर है। इसके अलावा, उसकी महिला सहकमों निदा खान सहित अन्य लोगों पर पीड़िता से छेड़छाड़ करने, उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही निदा खान फरार चल रही थी। अदालत द्वारा उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद एसआईटी ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। जांच के दौरान एसआईटी को खुफिया जानकारी मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर में अपने रिश्तेदारों की मदद से छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर मतीन पटेल के संदिग्ध के ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई और निदा खान को हिरासत में लेकर नासिक ले आई।
इस घटनाक्रम के बाद, फरार संदिग्ध को आश्रय और सहायता प्रदान करने के आरोप में मतीन पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। एसआईटी अब मतीन पटेल से सघन पूछताछ करेगी। इसमें निदा खान उसके संपर्क में कैसे आई, उसे किसके कहने पर छिपाया गया और क्या इस मामले में कुछ और लोग भी शामिल हैं, जैसे कई अहम बिंदुओं पर विस्तृत जांच होने की संभावना है।
धर्मांतरण और उत्पीड़न के इस संवेदनशील मामले में संदिग्ध को पनाह देने का आरोप लगने के बाद एमआईएम नगरसेवक मतीन पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसआईटी के नोटिस के बाद सोमवार को उनके नासिक में पूछताछ के लिए उपस्थित होने की संभावना है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और इस पूछताछ में कौन से नए व चौंकाने वाले खुलासे सामने आते हैं।