सोलापुर पर अल नीनो का साया: उजनी बांध से केवल एक बार मिलेगा पानी, पालकमंत्री जयकुमार गोरे की चेतावनी

El Nino Threat: सोलापुर में अल नीनो के प्रभाव के कारण उजनी बांध से केवल एक आवर्तन देने का फैसला। पालकमंत्री जयकुमार गोरे ने पानी बचाने की अपील की। सिंधुदुर्ग में बारिश का अलर्ट।
The Shadow of El Niño Over Solapur: Water from Ujani Dam to be Released Only Once Guardian Minister Jaykumar Gore Warns
उजनी डॅम व जयकुमार गोरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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El Nino Threat Solapur: महाराष्ट्र में इस साल मानसून पर अल नीनो का खतरा मंडरा रहा है, जिसके कारण बारिश औसत से कम होने की आशंका जताई गई है। इस संभावित सूखे से निपटने के लिए सोलापुर के पालकमंत्री जयकुमार गोरे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वर्तमान जल संकट को देखते हुए उजनी बांध के पानी का उपयोग अत्यंत सावधानी से करना होगा। इसी रणनीति के तहत, प्रशासन ने इस गर्मी के मौसम में खेती के लिए केवल एक ही आवर्तन (Water Rotation) देने का निर्णय लिया है। दूसरे आवर्तन पर विचार केवल भविष्य में पानी की उपलब्धता और मानसून की स्थिति को देखकर ही किया जाएगा।

पीने के पानी को सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, प्रशासन ने 31 अगस्त तक पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष नियोजन किया है। वर्तमान में उजनी बांध में लगभग 17% जलभंडार शेष है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति में है। जयकुमार गोरे ने बताया कि सोलापुर के लिए बनी दोहरी पाइपलाइन (Double Pipeline) वरदान साबित हुई है, जिससे भीमा नदी के जरिए पानी छोड़ने के दौरान होने वाला लगभग 12 TMC पानी का नुकसान बच गया है। उन्होंने किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे पानी को 'जीवन' समझकर खर्च करें, न कि केवल एक वस्तु समझकर।

भीमा नदी के किनारे के किसानों को राहत

पाइपलाइन के कारण नदी में पानी छोड़ना बंद होने से भीमा नदी के किनारे बसे हजारों किसानों को सिंचाई के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मंत्री जयकुमार गोरे ने आश्वासन दिया है कि अगले एक-दो दिनों के भीतर भीमा नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इससे नदी किनारे के क्षेत्रों में गर्मी की फसलों को जीवनदान मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पानी छोड़ने के दौरान चोरी और बर्बादी को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जाए।

सिंधुदुर्ग में मौसम का बदला मिजाज

एक तरफ सोलापुर सूखे से लड़ रहा है, तो दूसरी तरफ सिंधुदुर्ग में बादलों ने डेरा डाल रखा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कोंकण क्षेत्र में हल्की बारिश की संभावना जताई है। अचानक आए इस ढीले मौसम से आम और काजू की फसलों पर कीटों के हमले और सड़न का खतरा बढ़ गया है। कृषि विभाग ने कोंकण के किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलें, काजू के बीज और सुपाड़ी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें। मानसून से पहले की यह बेमौसम बारिश बागवानों के लिए बड़ी आर्थिक चिंता का सबब बन सकती है।

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