कायाकल्प की ओर पंढरपुर: मुख्यमंत्री फडणवीस का बड़ा फैसला, 3,993 करोड़ रुपये से बदल जाएगी विठ्ठल नगरी की सूरत!

Devendra Fadnavis Pandharpur Budget: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विठ्ठल नगरी पंढरपुर के भव्य विकास के लिए 3,993 करोड़ रुपये के बजट को दी मंजूरी। वारकरियों को मिलेंगी बहतर सुविधाएं। पढ़ें पूरी खबर।
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बैठक के दौरान सीएम फडणवीस, एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pandharpur Development Plan: महाराष्ट्र की आध्यात्मिक राजधानी और करोड़ों वारकरियों की आस्था का केंद्र, पंढरपुर, अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने वाला है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर परिसर विकास एवं वाणिज्यिक परिसर योजना के माध्यम से पंढरपुर के पूर्ण कायाकल्प की घोषणा की है। विधान भवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए इन फैसलों से न केवल श्रद्धालुओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और विधायक समाधान अवताडे के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे विकास प्रारूप को नगर विकास विभाग के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा।

करीब 4 हजार करोड़ का महा-बजट

पंढरपुर के विकास के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है। जिला कलेक्टर, सोलापुर द्वारा प्रस्तुत इस महत्वाकांक्षी योजना को 18 जून 2026 को ही 3,993.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई थी। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह बजट पंढरपुर के विकास को एक नई दिशा देगा।

वारकरियों के लिए सुविधाओं की बौछार

इस विशाल बजट का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए आवंटित किया गया है:

  • भव्य कॉरिडोर: मंदिर परिसर में एक शानदार कॉरिडोर बनाने के लिए 254.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
  • वारकरी सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए समग्र सुविधाओं के विकास हेतु 288.66 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
  • विरासत का संरक्षण: प्राचीन मंदिरों और मठों के संरक्षण व संवर्धन के लिए 36 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
  • नदी और घाट: चंद्रभागा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक पार्किंग और सड़कों के विकास के लिए कुल 1,387.91 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

स्थानीय लोगों का हित और पुनर्वसन

विकास की इस दौड़ में स्थानीय नागरिकों के हितों की अनदेखी नहीं की गई है। योजना में सामाजिक न्याय का संतुलन बनाए रखने के लिए 2,026.72 करोड़ रुपये का भारी भरकम प्रावधान केवल भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और प्रभावित इमारतों के मुआवजे के लिए किया गया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह साफ कर दिया है कि विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों के रोजगार और उनके पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस मास्टर प्लान के लागू होने से पंढरपुर न केवल महाराष्ट्र बल्कि देश का एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा।

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