भ्रष्टाचार के कारण गिरी शिवाजी महाराज की प्रतिमा, शरद पवार का शिंदे सरकार पर हमला

शरद पवार ने दावा किया कि राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार के कारण गिरी। उन्होंने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग बेशर्मी से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, यहां तक कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के निर्माण में भी।
भ्रष्टाचार के कारण गिरी शिवाजी महाराज की प्रतिमा, शरद पवार का शिंदे सरकार पर हमला
भ्रष्टाचार के कारण गिरी शिवाजी महाराज की प्रतिमा (सौ.सोशल मीडिया)
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पुणे: सिंधुदुर्ग जिले के राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने के मामले को लेकर जारी बवाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रही है। इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने आरोप लगाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने का कारण ‘भ्रष्टाचार' है। बीते महीने छत्रपति शिवाजी महाराज 35 फुट की प्रतिमा गिर गई थी। 8 महीने पहिले इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।

राकांपा (एसपी) अध्यक्ष ने दावा किया कि राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्पष्ट रूप से भ्रष्टाचार के कारण गिरी। उन्होंने कहा, ‘‘आज सत्ता में बैठे लोग बेशर्मी से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, यहां तक कि छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के निर्माण में भी..... और यह सुनिश्चित करना हमारा काम है कि वे (फिर से) राज्य की बागडोर न थाम लें। हमने ऐसा नेतृत्व देने का फैसला किया है जो साफ-सुथरा, सदाचारी और आम लोगों के हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।''

कोल्हापुर जिले के कागल में एक समारोह को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा, ‘‘छत्रपति शिवाजी महाराज ने ही समुद्र के सामरिक महत्व को रेखांकित किया था और सिंधुदुर्ग तथा अन्य समुद्री किलों का निर्माण कराया था। यह देखना चौंकाने वाला था कि कुछ महीने पहले ही बनी प्रतिमा ढह गई जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।'' एनसीपी-एसपी अध्यक्ष ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटना के लिए जोरदार हवाओं को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा है, जिसे राज्य के पहले मुख्यमंत्री यशवंतराव चव्हाण ने साठ साल पहले स्थापित किया था और वह प्रतिमा आज भी मजबूती से खड़ी है।''

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राजे समरजीत घाटगे ने राकांपा (एसपी) की सदस्यता ग्रहण की थी। इस दौरान पवार ने घाटगे और उनके सहयोगियों का राकांपा (एसपी) में स्वागत किया और विश्वास जताया कि कागल के लोग घाटगे को विधानसभा के लिए चुनेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि घाटगे का मुकाबला स्थानीय विधायक और मंत्री हसन मुशरिफ से होगा जो अजित पवार के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी राकांपा के नेता हैं। पवार ने मुशरिफ का नाम लिए बगैर कहा कि पिछली बार लोगों ने उन्हें चुना लेकिन उन्होंने पाला बदल लिया। पवार ने कहा कि मतदाता उन्हें सबक सिखाएंगे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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