शरद पवार हुए एक्टिव, इस दिन तय होगा जयंत पाटिल का भविष्य, शिंदे की लगेगी लॉटरी

Maharashtra Politics: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के इस्तीफे की खबरों के बीच शरद पवार एक्शन मोड में आ गई है। उन्होंने संगठन की एक बैठक बुलाई है।
जयंत पाटिल के इस्तीफे की खबरों के बीच शरद पवार की पार्टी की 15 जुलाई को बैठक
जयंत पाटिल, शरद पवार व शशिकांत शिंदे (डिजाइन फोटो)
Published on
Updated on

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के इस्तीफे की खबरें के बीच शरद पवार एक्टिव हो गए है। पार्टी के प्रवक्ता और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने जयंत की इस्तीफे की खबर को कोरी अफवाह बताया। लेकिन इस बीच शरद पवार ने पार्टी की बैठक बुला ली है। बैठक में जयंत पाटिल के भविष्य और नए उत्तराधिकारी की पर चर्चा हो सकती है।

शरद पवार की पार्टी अपने अगले प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी अटकलों के बीच मंगलवार को एक बैठक करेगी। एनसीपी (एसपी) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा देने की खबरों के बीच यह भी अटकलें लगाई जा रही है कि पार्टी के विधान परिषद सदस्य शशिकांत शिंदे उनकी जगह ले सकते हैं।

क्या बोले शशिकांत शिंदे?

इधर शशिकांत शिंदे भी इन खबरों से खुश नजर आए। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें मौका दिया गया तो यह उनके लिए एक निर्णायक मोड़ होगा। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को सभी पार्टी नेता आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे।

15 जुलाई को होगी शरद पवार गुट की बैठक

एनसीपी (एसपी) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता जितेंद्र आव्हाड ने शनिवार को एक बयान में पाटिल के इस्तीफे की खबरों को शरारतपूर्ण बताया। आव्हाड ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा' से कहा कि 15 जुलाई को एक बैठक बुलाई गई है। देखते हैं क्या होता है।

हालांकि शरद पवार की पार्टी या जयंत पाटिल की ओर से अब तक इस्तीफे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मीडिया चैनलों सहित मीडिया के एक तबके में ऐसी खबरें आई हैं कि पाटिल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और शशिकांत शिंदे उनके उत्तराधिकारी हैं।

2018 पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं जयंत पाटिल

जयंत पाटिल 2018 से अविभाजित एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे। जुलाई 2023 में अजित पवार और अन्य विधायकों के विद्रोह तथा पार्टी के विभाजन के बाद पाटिल शरद पवार गुट में उसी पद पर बने रहे।

दरअसल, एनसीपी के 26वें स्थापना दिवस पर 10 जून को जयंत पाटिल ने पार्टी प्रमुख शरद पवार की मौजूदगी में पद छोड़ने का संकेत दिया था। पाटिल ने कहा था कि पार्टी के लिए नए चेहरों को मौका देना महत्वपूर्ण है। इस पर कार्यकर्ताओं ने भावनात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और उनसे पद पर बने रहने का आग्रह किया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com