शरद पवार की पार्टी का कांग्रेस में होगा विलय? हाईकमान के प्रस्ताव से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज

Sharad Pawar NCP Congress Merger News: महाराष्ट्र की राजनीति में महा-उथलपुथल है। शरद पवार की NCP (SP) का कांग्रेस में विलय होगा? सोलापुर में विधायकों की बगावत से बढ़ा संकट। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Will Sharad Pawar's party merge with Congress? Political movement in Maharashtra intensified by the High Command's proposal
शरद पवार और राहुल गांधी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Maharashtra Politics Latest Updates: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में इस समय भारी उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ जहाँ विपक्षी एकजुटता की नई कवायदें तेज हो रही हैं, तो दूसरी तरफ शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट में बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में संपन्न हुई INDIA गठबंधन की बैठक में शरद पवार को अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का प्रस्ताव दिया गया। इस फॉर्मूले पर एनसीपी के कुछ शीर्ष नेता खुलकर सकारात्मक रुख अपनाने की सलाह भी दे रहे हैं। यदि शरद पवार गुट का कांग्रेस में यह महा-विलय होता है, तो महाराष्ट्र के चुनावी समीकरण और राजनीति पूरी तरह बदल जाएगी।

विपक्ष को एकजुट करने की कवायद और विलय का प्रस्ताव

ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस आलाकमान ने शरद पवार के सामने अपनी पार्टी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) का कांग्रेस में विलय करने का एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। इस रणनीतिक कदम की रूपरेखा सबसे पहले शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने सामने रखी थी। राउत का तर्क है कि कांग्रेस से अलग होकर वजूद में आए सभी क्षेत्रीय दलों को अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए अब मुख्य पार्टी में वापस लौट आना चाहिए। इस फॉर्मूले पर सुप्रिया सुले ने भी सकारात्मक रुख अपनाते हुए राउत के सुझाव की सराहना की है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले शिवसेना और एनसीपी को खंडित किया गया और अब टीएमसी को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। इसी बीच, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भी सभी विपक्षी ताकतों से एक मंच पर आने तथा राहुल गांधी को 'इंडिया' गठबंधन के सर्वमान्य नेता के रूप में स्वीकार करने का आह्वान किया है।

पवार खेमे में गहराया अंदरूनी संकट

एक तरफ जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकीकरण को लेकर मंथन चल रहा है, वहीं शरद पवार के लिए अपने घरेलू मोर्चे को संभालना मुश्किल होता जा रहा है। सोलापुर में पार्टी के भीतर की आपसी गुटबाजी और नाराजगी अब खुलकर चौराहों पर आ गई है। दरअसल, शरद पवार गुट द्वारा वसंतराव देशमुख को चुनावी मैदान में उतारे जाने से तीन विधायक उत्तमराव जानकर, अभिजीत पाटिल और नारायण पाटिल बेहद खफा हैं। अपनी इसी नाराजगी के बीच इन तीनों विधायकों ने महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण से मुलाकात की है। राजनीतिक विश्लेषक इस सीक्रेट मीटिंग को राज्य की सत्ता में किसी बहुत बड़े उलटफेर के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

बदल रहे चुनावी समीकरण और उनके राजनीतिक मायने

इन समीकरणों के कारण सोलापुर विधानसभा सीट पर चुनावी जंग बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी के राजेंद्र राउत और शरद पवार गुट के वसंतराव देशमुख के बीच तय माना जा रहा है। हालांकि, अपने ही पाले के नाराज विधायकों ने सार्वजनिक मंचों से वसंतराव के नाम का विरोध करना शुरू कर दिया है और उनके सुर बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में झुकते दिखाई दे रहे हैं।

चूंकि वसंतराव देशमुख को स्थानीय सांसद धैर्यशील मोहिते पाटिल का बेहद खास माना जाता है, इसलिए इस बगावत को मोहिते पाटिल के लिए भी एक बहुत बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरी तस्वीर से यह साफ है कि महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में आने वाले दिन बेहद उलटफेर वाले और निर्णायक साबित होने जा रहे हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com