Saloni Kabadi Success News: व्हीलचेयर पर परीक्षा देकर रचा इतिहास, शाहपुर की सलोनी की जिद ने दिलाई बड़ी सफलता

Saloni Kabadi Success Story: ठाणे के शाहपुर की सलोनी कबाड़ी ने डाउन सिंड्रोम, कम नजर और गंभीर चोट जैसी चुनौतियों के बावजूद 12वीं में 71% अंक हासिल कर हौसले और मेहनत की मिसाल पेश की है।
Saloni Kabadi Sucess Story HSC Result
डाउन सिंड्रोम स्टूडेंट सक्सेस स्टोरी (सौ. सोशल मीडिया )
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Saloni Kabadi Success Story HSC Result: जन्मजात डाउन सिंड्रोम से पीड़ित, कम नज़र एवं 12वीं की परीक्षा से पहले एक गंभीर चोट जैसी तीन जटिल कठिनाइयों के बावजूद ठाणे जिले के सुदूर आदिवासी बाहुल्य शाहपुर की रहने वाली सलोनी कबाड़ी ने 12वीं (कॉमर्स) की परीक्षा में 71 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पक्के इरादे, लगन और आत्मविश्वास की एक प्रेरणा देने वाली मिसाल कायम की है।

उनकी इस कामयाबी के पीछे कड़ी मेहनत, मॉडर्न टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल, शिक्षकों का मार्गदर्शन व परिवार का मजबूत सपोर्ट शामिल है।

हार-झुमके बेचते हैं माता-पिता

सलोनी एक मेहनती दंपति अरुण और अक्षदा कबाड़ी की बेटी हैं, जो हार और झुमके बेचकर अपना गुजारा करते हैं। बचपन से ही डाउन सिंड्रोम ने उनके लिए कई शारीरिक और मानसिक मुश्किलें खड़ी की हैं। इसके अलावा, कम नजर ने पढ़ाई को और भी मुश्किल बना दिया था लेकिन सलोनी ने इन मुश्किलों से हार न मानते हुए, पढ़ाई के जुनून के साथ अपनी कोशिशें जारी रखीं।

12वीं के एग्जाम से ठीक दस दिन पहले, घर पर गिरने से उसकी पीठ में गंभीर चोट लग गई। इस घटना ने परिवार के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। उसके लिए परीक्षा में बैठना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन, सलोनी ने हिम्मत से व्हीलचेयर पर एग्जाम देने का फैसला किया। इस फैसले ने उसके पक्के इरादे को दिखाया।

सलोनी ने शहापुर के खाड़े विद्यालय से फॉर्म नंबर 17 के जरिए एग्जाम दिया। कम नज़र की वजह से पारंपरिक तरीके से पढ़ना-लिखना मुश्किल था, इसलिए उसने अपनी पढ़ाई के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मदद ली। उसने यू ट्यूब पर एजुकेशनल वीडियो सुनने, ऑनलाइन ऑडियो गाइडेंस का इस्तेमाल करने और समझने के लिए लेसन सुनने जैसे दूसरे तरीकों से अपनी पढ़ाई जारी रखी।

बैंकिंग क्षेत्र में करियर का इरादा

इस दौरान, शिक्षकों ने खास ध्यान दिया और उसे जरूरी गाइडेंस दी। 11वीं की स्टूडेंट श्रेया दलाल का 'राइटर' के तौर पर दिया गया सपोर्ट भी उसकी सफलता में बहुत अहम रहा। श्रेया ने एग्जाम के दौरान सलोनी के जवाब सही लिखकर उसका कॉन्फिडेंस बढ़ाया।

उनके परिवार ने भी उन्हें हर मोड़ पर मेंटल और इमोशनल सपोर्ट दिया। सलोनी की सक्सेस स्टोरी सिर्फ 71 परसेंट मार्क्स तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह स्ट्रगल, हिम्मत और पॉजिटिव सोच की जीती-जागती मिसाल है। सलोनी का इरादा बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने या बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) कोर्स पूरा करने का है।

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