बाबू छुट्टी पर, पेंशनर संकट में! देवला शिक्षा विभाग की सुस्ती ने छीनी बुजुर्गों की नींद

Retired Teachers Pension Issue: देवला तहसील में पेंशन अनुदान मिलने के बाद भी बुजुर्ग शिक्षकों के खातों में राशि नहीं पहुँची। प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों की कमी के खिलाफ पेंशनर्स ने छेड़ा आंदोलन।
Officials on Leave, Pensioners in Crisis! The Sluggishness of the Devla Education Department Has Cost the Elderly Their Peace of Mind.
पेंशनर संकट की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Retired Teachers Pension Issue News: महाराष्ट्र के नासिक जिले की देवला तहसील में सेवानिवृत्त शिक्षकों और अन्य पेंशनभोगियों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। एक तरफ जहां सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक कुप्रबंधन के कारण सैकड़ों बुजुर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। जिला परिषद से 10 अप्रैल को ही पेंशन अनुदान (Grant) प्राप्त हो चुका है, लेकिन दुखद पहलू यह है कि 21 अप्रैल तक यह राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा नहीं की गई। पेंशनभोगियों का सीधा आरोप है कि शिक्षा विभाग की सुस्ती और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण उनकी मेहनत की कमाई अटकी हुई है।

छुट्टी पर कर्मचारी, ठप पड़ा सिस्टम

देवला तहसील के लगभग 375 पेंशनभोगियों के काम रुकने की एक बड़ी वजह पेंशन विभाग के संबंधित कर्मचारी का अनुपस्थित होना है। जानकारी के अनुसार, संबंधित बाबू 6 अप्रैल 2026 से लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन ने इतने दिनों बाद भी उनके स्थान पर किसी वैकल्पिक अनुभवी कर्मचारी की नियुक्ति नहीं की। इसके परिणामस्वरूप, पेंशन गणना से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई है।

प्रमुख समस्याएँ: जिनका समाधान सालों से लंबित है

पेंशनर एसोसिएशन ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं किश्तें पूरी होने के 4 से 6 महीने बीत जाने के बाद भी पेंशनभोगियों के वेतन से कटौती जारी है। जो अतिरिक्त राशि काटी गई है, उसे वापस दिलाने के लिए कोई पहल नहीं की जा रही। कई शिक्षकों के बीमा संबंधी मामले पिछले एक-दो साल से लंबित पड़े हैं।

80 से 95 वर्ष की आयु पार कर चुके बुजुर्गों को नियमानुसार मिलने वाली पेंशन वृद्धि (Pension Hike) के आवेदन एक साल से धूल फांक रहे हैं। एपी 15 रजिस्टर और पीपीओ (PPO) प्रविष्टियां अधूरी होने के कारण संशोधित पेंशन और काल्पनिक वेतन वृद्धि जैसे लाभ अटके हुए हैं।

सामूहिक अनशन की चेतावनी

बार-बार की शिकायतों और निवेदनों के बाद भी जब कोई समाधान नहीं निकला, तो देवला तहसील पेंशनर एसोसिएशन ने अब आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के अध्यक्ष दिलीप पाटिल, संजय ब्राम्हणकर, शिवाजी आहेर और अन्य पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि 30 अप्रैल तक सभी लंबित मांगों का निस्तारण नहीं हुआ और पेंशन राशि जारी नहीं की गई, तो सभी सेवानिवृत्त शिक्षक और पेंशनभोगी तहसील कार्यालय के समक्ष सामूहिक अनशन पर बैठेंगे।

उनकी प्रमुख मांग है कि शिक्षा विभाग तुरंत किसी ऐसे अनुभवी कर्मचारी की नियुक्ति करे जिसे पेंशन नियमों की बारीकी से जानकारी हो, ताकि बुजुर्गों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com