अनाथ बच्ची को महिला ने मारी लात, सीढ़ी से नीचे गिरी मासूम, पनवेल के आंगनवाड़ी में बेहरमी का Video वायरल

Panvel Anganwadi Viral Video: महाराष्ट्र के पनवेल से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आंगनवाड़ी की एक मासूम बच्ची को महिला ने बेरहमी से लात-घूंसों से पीटा। घटना का वीडियो वायरल है।
Panvel Anganwadi Woman Kicks Minor Girl Viral Video
अनाथ बच्ची को लात मारती महिला (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Panvel Anganwadi Woman Kicks Minor Girl Viral Video: महाराष्ट्र के रायगड जिले की पनवेल तालुका से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। पनवेल के नंदगांव में एक महिला द्वारा मासूम बच्ची की बेरहमी से पिटाई का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस खौफनाक मंजर को देखकर स्थानीय लोगों और नेटिजन्स में भारी आक्रोश है।

बच्ची को लात मारने का वीडियाे वायरल

इंटरनेट पर वायरल हो रहा यह वीडियो बेहद परेशान करने वाला है। यह पूरा मामला पनवेल तालुका के नंदगांव इलाके का बताया जा रहा है। पीड़ित मासूम एक स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र की छात्रा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला सीढ़ियों पर बैठी एक छोटी सी मासूम बच्ची को पूरी ताकत से लात मारती है, जिसके कारण बच्ची सीढ़ी से नीचे गिर जाती है। अपने साथ हो रही बर्बरता से बच्ची सहम जाती है और रोने लगती है। इसी बची एक दूसरी महिला मुस्काराते हुए आंगनवाड़ी के अंदर से आती है और लात मारने वाली महिला को वहां से हटाने के अंदाज में हल्के से मारती है। उसके बाद सीढ़ियों पर नीचे गिरी बिलख रही बच्ची को उठाती है।

महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग

हालांकि अब यह जानकारी सामने नहीं आई है कि महिला ने बच्ची को क्यों मारा। वीडियो वायरल होने के बाद महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हाे गई है। लोग आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

साेशल मीडिया पर इस दृश्य को देखकर यूजर्स में भारी आक्रोश है। यह यूजर ने इसे बेरहम और घिनौना बताता हुए लिखा कि एक आंगनवाड़ी वर्कर का एक छोटी, मासूम बच्ची को बेरहमी से लात मारना और पीटना? यह सरासर क्रूरता है। बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालने वाला कोई व्यक्ति ऐसा कैसे कर सकता है? तुरंत गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की जरूरत है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए सुरक्षित जगह होनी चाहिए, न कि नर्क।

स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में पुलिस से संज्ञान लेने की अपील की है। कानूनविदों का कहना है कि नाबालिग बच्चों के खिलाफ इस तरह की हिंसा पॉक्सो एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आती है।

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