पुणे में भीषण जल संकट: मनपा ने स्विमिंग पूल बंद करने का दिया आदेश, कोच विनय मराठे ने दी बाढ़ की चेतावनी

Pune Water Crisis: पुणे में भीषण जल संकट को देखते हुए मनपा ने सभी स्विमिंग पूलों को बंद करने का आदेश दिया है। इस फैसले का तैराकी कोच विनय मराठे ने विरोध कर बाढ़ आने की बड़ी चेतावनी दी है।
In view of a severe water crisis in Pune, the PMC ordered the closure of all swimming pools, while swimming coach Vinay Marathe has strongly opposed this final decision.
स्विमिंग पूल (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Corporation Swimming Pool Ban: पुणे और उसके आसपास के इलाकों में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए महानगर पालिका प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत शहर के सभी सार्वजनिक और निजी स्विमिंग पूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए जा रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस समय पीने के पानी की बर्बादी को रोकना और उपलब्ध जल संसाधनों का सही तरीके से प्रबंधन करना है।

गर्मियों के मौसम में पानी की मांग चरम पर पहुंच गई है, जिसके कारण शहर के कई प्रमुख रिहायशी इलाकों जैसे कि कात्रज, हडपसर, वाघोली और बावधन में पानी की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों के नागरिकों को दैनिक उपयोग के लिए पूरी तरह से पानी के टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है।

पानी बहाया तो आ जाएगी बाढ़

विनय मराठे शिव छत्रपति पुरस्कार से सम्मानित और तैराकी कोच विनय मराठे ने फैसले का कड़ा विरोध करते हुए पीएमसी को पत्र लिखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि पूलों को खाली करने से बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। स्विमिंग पूलों में लगभग 4 से 5 लाख लीटर क्लोरीनयुक्त पानी होता है। यदि पूलों को बंद किया जाता है, तो इस ट्रीटेड पानी को गटर में बहाना पड़ेगा। क्लोरीन की मौजूदगी के कारण इस पानी का उपयोग खेती या बागवानी के लिए नहीं हो सकता।

हाउसिंग सोसायटियों का औचक निरीक्षण करेंगी विशेष टीमें

  • पुणे मनपा के जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बांधों में पानी का मौजूदा स्तर पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण आने वाले हफ्तों में पानी की कटौती और सख्त की जा सकती है।
  • वर्तमान में शहर के कई हिस्सों में पहले से ही एक दिन छोड़कर या बेहद कम दबाव के साथ पानी की आपूर्ति की जा रही है।
  • ऐसी स्थिति में स्विमिंग पूल जैसी व्यावसायिक और गैर-जरूरी गतिविधियों के लिए पानी के इस्तेमाल की अनुमति देना संभव नहीं है।
  • मनपा की क्षेत्रीय टीमें अब विभिन्न सोसायटियों, क्लबों और होटलों का औचक निरीक्षण करेंगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी चोरी-छिपे स्विमिंग पूल चालू न रखे गए हों।
  • तिलक टैंक जैसे परिसरों ने भी स्पष्ट किया है कि वे वर्तमान में पुराने बोरवेल के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन नए नियमों के बाद सभी पर रोक लगाई जा रही है।

हर हफ्ते केवल 10,000 लीटर ताजे पानी की आवश्यकता

मराठे ने कहा, 'अगर शहर के सभी पूलों से लाखों लीटर पानी एक साथ बहाया गया, तो बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी और सड़कों पर बाढ़ आ जाएगी।' प्रशासन के जल संकट के तर्क को खारिज करते हुए कोच ने स्पष्ट किया कि स्विमिंग पूलों का पानी हर दिन नहीं बदला जाता, बल्कि उसे रोटेट किया जाता है।

एक पूल को हर हफ्ते केवल 10,000 लीटर ताजे पानी की आवश्यकता होती है। नागरिकों ने फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन कहा है कि सिर्फ पूल बंद करना स्थाई समाधान नहीं है, प्रशासन को टैंकर माफिया और लीकेज पर लगाम लगानी होगी।

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