Pune Water Supply: वाघोली की 230 करोड़ जल योजना पर सवाल, पानी का कोटा मंजूर हुए बिना अंतिम चरण में पहुंचा काम

Pune Water Supply: वाघोली के लिए 230 करोड़ रुपये की जल योजना का काम अंतिम चरण में है, लेकिन सिंचाई विभाग से पानी का कोटा मंजूर नहीं हुआ है। जनआंदोलन की चेतावनी।
Wagholi's ₹230 crore water supply scheme faces uncertainty as the irrigation dept hasn't sanctioned water quota yet; citizens threaten protest.
जल आपूर्ति योजना (प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI)
Updated on

Wagholi Water Supply Network Pipeline: पुणे  के वाघोली और आसपास के क्षेत्र के लिए 230 करोड़ रुपये की जल आपूर्ति योजना 30 महीनों से चल रही है। करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं और पाइपलाइनों का नेटवर्क बिछा दिया गया है। इसके बावजूद इस योजना के लिए सिंचाई विभाग से पानी का आधिकारिक कोटा मंजूर नहीं हुआ है।

नियमों के अनुसार किसी भी जल योजना से पहले जल स्त्रोत की स्वीकृति लेना अनिवार्य होता है। लेकिन बिना कोटा मंजूरी के ही यह कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। सिंचाई विभाग से कोटा मंजूर न होने से नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

सार्वजनिक धन का बिना उचित नियोजन के इस्तेमाल होने पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पानी के कोटे का मंजूरी आदेश और दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।

सीमित पानी होने से जल भंडार का संकट

उन्होंने स्पष्ट किया है कि खुलासा न होने पर उग्र जनआंदोलन किया जाएगा। पुणे शहर को ही फिलहाल अपर्याप्त पानी की आपूर्ति हो रही है और अतिरिक्त कोटे की मांग की जा रही है। शहर के कई हिस्सों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

ऐसे में शहर के सीमित जल भंडार से वाघोली को पर्याप्त पानी कैसे दिया जाएगा, इसका उत्तर प्रशासन के पास नहीं है। इससे 230 करोड़ रुपये की यह योजना केवल कागजों तक सीमित रहने की आशंका जताई जा रही है।

मुख्य अभियंता का स्पष्टीकरण

जगताप ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि वाघोली के लिए सिंचाई विभाग से स्वतंत्र पानी का कोटा अभी मंजूर नहीं हुआ है। वर्तमान में शहर को मिलने वाले उपलब्ध जल भंडार से ही वाघोली में जल आपूर्ति करने का नियोजन किया जा रहा है।

स्थायी समिति ने पुणे मनपा प्रशासन को अगले 25 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर एकीकृत जल शोधन मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही शहर में जल आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए पुराने पर्वती और लश्कर जल शोधन केंद्रों का तुरंत आधुनिकीकरण करने तथा उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करने के भी स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।

6 पानी की टंकियों का भी होना है निर्माण

वाघोली के लिए दो प्रमुख जल योजनाएं में पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) की 23 करोड़ रुपये की वढू-वाघोली योजना 7 वर्षों के इंतजार के बाद पूरी हो चुकी है। दूसरी ओर पीएमसी की 230 करोड़ रुपये की लोहगाव-वाघोली योजना का काम 30 महीनों से जारी है। इसके तहत 432 किलोमीटर पाइपलाइन और 6 पानी की टंकियों का निर्माण होना है। वहीं 23 करोड़ की वाघोली संवर्धित जलापूर्ति योजना का पानी जल शुद्धीकरण केंद्र में पहुंच गया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com