

Supriya Sule Remembers Ajit Pawar Emotional Post: रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम, असीम विश्वास और गहरे स्नेह का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर जहां हर तरफ खुशियां और उमंग का माहौल होता है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले के लिए यह रक्षाबंधन पीड़ादायक और भावुक करने वाला साबित हुआ है।
उनके प्यारे भाई और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार आज उनके साथ नहीं हैं। भाई के असमय चले जाने के गहरे दर्द को साझा करते हुए सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और दिल को झकझोर देने वाली पोस्ट साझा की है, जिसे पढ़कर किसी की भी आंखें नम हो जाएं।
महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का इसी साल 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक भीषण विमान हादसे में बेहद दुखद और असामयिक निधन हो गया था।
बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय हुए इस भयावह हादसे में अजीत पवार के साथ विमान में सवार 5 अन्य लोगों की भी मौत हो गई थी। इस अचानक आई आपदा ने न केवल पूरे महाराष्ट्र को स्तब्ध कर दिया था, बल्कि उनके परिवार में एक ऐसा शून्य पैदा कर दिया जो कभी नहीं भर सकता।
राजनीतिक रूप से भले ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद दोनों भाई-बहन अलग-अलग गुटों में चले गए थे और वैचारिक रूप से अलग राहों पर थे, लेकिन अजीत पवार और सुप्रिया सुले के बीच का भाई-बहन का अटूट रिश्ता और उनका आपसी कौटुंबिक जिव्हाला हमेशा ही लोगों के बीच चर्चा और सम्मान का विषय रहा। राजनीति की कड़वाहट कभी भी उनके पारिवारिक प्रेम पर हावी नहीं हो सकी।
अपने भाई को याद करते हुए सुप्रिया सुले ने अपनी पोस्ट में अपने बचपन और भाई के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया है।
उन्होंने लिखा, प्रिय दादा, आज राखी पूर्णिमा है... लेकिन इस बार तुम मेरे साथ नहीं हो, और यह अहसास मेरे मन को भीतर तक बहुत अशांत और व्याकुल कर रहा है। सात महीने पहले की वह भयानक सुबह और तुम्हारा अचानक हमें छोड़कर चले जाना... इस कड़वे सच पर मेरा मन आज भी विश्वास नहीं कर पा रहा है।
बचपन के सुनहरे दिनों को याद करते हुए सुप्रिया सुले बेहद भावुक हो गई। उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा।
बचपन से एक साथ बड़े होते हुए हमारे बीच होने वाले वे छोटे-मोटे झगड़े, एक-दूसरे के प्रति हमारा असीम प्रेम और एक-दूसरे पर हमारा गर्व ही हमारे इस पवित्र रिश्ते की सबसे मजबूत बुनियाद थी। आज भी मेरा दिल यही कहता है कि तुम अचानक कहीं से सामने आ जाओगे, अपनी कलाई आगे बढ़ाकर हमसे राखी बंधवाओगे और अपनी बहनों के साथ ढेर सारी बातें करते हुए एक बार फिर से इस परिवार की खुशियों में खो जाओगे...
सुप्रिया सुले ने अपने दिल के इस खालीपन को व्यक्त करते हुए आगे लिखा कि दादा के चले जाने से उनके जीवन में जो खालीपन आया है, उसे दुनिया की कोई भी ताकत कभी नहीं भर सकती। उन्होंने प्रार्थना करते हुए लिखा, तुम आज जहां कहीं भी हो, वहां से तुम्हारा असीम प्रेम और आशीर्वाद हमेशा हमारे सिर पर बना रहे।
इस भावुक संदेश ने सोशल मीडिया पर मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया है। राजनीति की दुनिया से परे, एक बहन का अपने भाई के लिए यह निश्छल प्रेम और तड़प इस रक्षाबंधन पर लोगों के दिलों को गहराई से छू रही है।