पुणे: तेंदुए के खौफ के बीच AI से रची बाघ की अफवाह, युवक की हरकत से गांव में हड़कंप, मोबाइल जांच में भंडाफोड़

Forest Department Action: कोंढापुरी गांव में AI से बाघ की फर्जी तस्वीर बनाकर दहशत फैलाने वाले युवक का वन विभाग ने पर्दाफाश किया है। मोबाइल जांच में सच सामने आने के बाद युवक को सख्त चेतावनी दी गई।
Ai Tiger Fake Tiger Image
एआय वाला बाघ(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Shirur Kondhapuri Fake Tiger AI Image Rumour: शिरूर तहसील के कोंढापुरी गांव में सोशल मीडिया पर बाघ दिखने की एक फर्जी तस्वीर से हड़कंप मच गया। मामले की जांच में खुलासा हुआ कि गांव के ही एक युवक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से यह फर्जी तस्वीर तैयार कर प्रसारित की थी। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के बाद इस अफवाह का पर्दाफाश हुआ, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

तेंदुए के खौफ के बीच बाघ की तस्वीर से फैली दहशत

शिरूर तहसील में पहले से ही तेंदुए की मौजूदगी की खबरों और वीडियो के कारण स्थानीय निवासी भयभीत हैं। इसी माहौल के बीच कोंढापुरी क्षेत्र में AI द्वारा तैयार बाघ की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। तस्वीर सामने आते ही गांव में बाघ के आने की चर्चा शुरू हो गई, जिससे ग्रामीणों और किसानों में भारी डर का माहौल बन गया।

Ai Tiger Fake Tiger Image
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वन विभाग ने मोबाइल जांच में किया भंडाफोड़

बाघ की तस्वीर वायरल होने की खबर मिलते ही शिरूर वनपरिक्षेत्र अधिकारी नीलकंठ गव्हाणे ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर वन परिमंडल अधिकारी रुपावली जगताप, वन अधिकारी पूनम जाधव, सोपान अनासुने और रेस्क्यू टीम गांव पहुंची। टीम ने स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी में संदिग्ध युवक के मोबाइल फोन की गहन जांच की। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि AI टूल से तैयार की गई थी।

युवक का बयान दर्ज, सख्त चेतावनी देकर छोड़ा

पूछताछ के दौरान युवक ने स्वीकार किया कि उसने उत्सुकतावश AI से बाघ की तस्वीर बनाई और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वन विभाग ने युवक का लिखित बयान दर्ज किया और उसे भविष्य में इस तरह की भ्रामक सामग्री या अफवाह न फैलाने की सख्त चेतावनी दी।

वन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाली असत्यापित तस्वीरों और वीडियो पर भरोसा न करें तथा किसी भी वन्यजीव की उपस्थिति की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

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