राजगढ़ शुगर फैक्ट्री को 402 करोड़ का कर्ज, बीजेपी में संग्राम थोपटे की एंट्री पर उठे सवाल

Pune News: दो साल से बंद पड़ी राजगढ़ शुगर फैक्ट्री को सरकार की गारंटी पर 402 करोड़ रुपये का कर्ज मंजूर हुआ है। फैक्ट्री चेयरमैन संग्राम थोपटे के बीजेपी में शामिल होने से इसे रिटर्न गिफ्ट मान रहे है।
संग्राम थोपटे (pic credit; social media)
संग्राम थोपटे (pic credit; social media)
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Maharashtra News: पुणे जिले की भोर तहसील स्थित राजगढ़ सहकारी शुगर फैक्ट्री को बंदी के दो साल बाद बड़ा आर्थिक सहारा मिलने जा रहा है। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने हाल ही में फैसला लिया है कि इस फैक्ट्री को सरकार की गारंटी पर 402.90 करोड़ रुपये का मार्जिन मनी कर्ज दिया जाएगा।

यह निर्णय इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि इस फैक्ट्री के चेयरमैन और तीन बार के कांग्रेस विधायक रह चुके संग्राम थोपटे ने इसी साल अप्रैल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ज्वाइन की थी। ऐसे में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि थोपटे को पार्टी में शामिल होने का “रिटर्न गिफ्ट” मिला है।

इस प्रस्ताव का उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उनके वित्त मंत्रालय ने जोरदार विरोध किया था। उनका तर्क था कि यह फैक्ट्री बीते दो वर्षों से बंद है और पहले लिए गए कर्ज की अदायगी भी नहीं हुई है। इसलिए नए कर्ज की मंजूरी उचित नहीं है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पवार की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।

राजगढ़ शुगर फैक्ट्री लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही है। महाविकास आघाड़ी सरकार के कार्यकाल में राज्य सरकार की गारंटी पर इसे 12 करोड़ रुपये का कर्ज मिला था। लेकिन कारखाना वह रकम चुकाने में नाकाम रहा और वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बाद में अजीत पवार और थोपटे के बीच समझौते के बाद 82 करोड़ रुपये का कर्ज राष्ट्रीय सहकार विकास निगम से देने की मंजूरी भी मिली थी। मगर, राष्ट्रवादी कांग्रेस की सुनेत्रा पवार की चुनावी हार के बाद सरकार ने यह कर्ज रोक दिया था।भाजपा में प्रवेश के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और सहकार विभाग ने पहले अपात्र ठहराए गए कारखाने को अब पात्र मानते हुए भारी-भरकम कर्ज की मंजूरी दे दी है।

इस पूरे घटनाक्रम से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। विरोधी दल अब सवाल उठा रहे हैं कि यह फैसला किसानों और मजदूरों के हित में है या फिर राजनीतिक लाभ के लिए लिया गया कदम।

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