

Pune Zilla Parishad Nominated Members Bill: पुणे में लंबे समय से बंद पड़ी मनोनीत नगरसेवकों की नियुक्ति प्रणाली को फिर से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्यपाल द्वारा संबंधित विधेयक पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद इसका आधिकारिक अध्यादेश भी जारी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 1992 में 73वें संविधान संशोधन के बाद जिला परिषदों में नामित सदस्यों की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। अब राज्य सरकार ने विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस प्रणाली को दोबारा लागू करने का निर्णय लिया है।
नए नियमों के अनुसार जिला परिषद की कुल सदस्य संख्या के 10 प्रतिशत या न्यूनतम 5 सदस्यों को नामित किया जा सकता है। इस आधार पर पुणे जिला परिषद में 7 मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इन 7 सीटों में से अधिकांश सीटें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को मिल सकती हैं। अनुमान है कि 5 सीटें NCP को, 1 सीट भाजपा को और शेष 1 सीट शिवसेना (उद्धव गुट) या शिंदे गुट में से किसी एक को मिल सकती है।
इस निर्णय से ग्रामीण राजनीति में लंबे समय से सक्रिय लेकिन चुनाव नहीं जीत पाने वाले अनुभवी कार्यकर्ताओं को ‘बैकडोर एंट्री’ का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय प्रशासन में विशेषज्ञता और अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्यपाल की मंजूरी के बाद मनोनीत नगरसेवकों की व्यवस्था फिर लागू होगी। Pune Zilla Parishad में 7 नामित सदस्यों की नियुक्ति संभव है, जिसमें अधिकांश सीटें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को मिलने की संभावना है।