

Pune Liquor Tragedy CID Investigation: महाराष्ट्र के पुणे में हुए दापोडी और हडपसर जहरीली शराब कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच का जिम्मा अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दिया गया है। CID ने मामले की जांच में तेजी लाते हुए आरोपियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 10 विशेष जांच टीमें मैदान में उतार दी हैं।
शिवसेना नेता और विधायक डॉ. नीलम गोरहे के निर्देशों के बाद जांच को और व्यापक रूप दिया गया है। डॉ. नीलम गोरहे ने शुरुआत से ही इस मामले को गंभीरता से लिया था। उन्होंने सीआईडी पुणे कार्यालय का दौरा कर जांच की विस्तृत समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने जांच को और विस्तृत और प्रभावी बनाने के महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे।
सीआईडी पुणे द्वारा जारी पत्रक के अनुसार, दापोडी और हड़पसर में जहरीली शराब से हुई मौतों से जुड़े दोनों मामले सीआईडी को सौंप दिए गए हैं। दापोडी मामले में सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ जारी है। राज्य आबकारी विभाग ने पहले आकाश जाधव, इरफान निसार कुरैशी और आर्यन संजय धोत्रे को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों को अब सीआईडी जांच में भी शामिल किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। इसके अलावा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा ठाणे में दर्ज संबंधित मामले के आरोपियों को भी जांच में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है।
जांच के दौरान विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी फुटेज, शराब के नमूने और अन्य सबूत जब्त कर फॉरेंसिक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण भी किया जा रहा है। सीआईडी ने बताया है कि मेथेनॉल सप्लाई चेन से जुड़े दो अहम संदिग्धों की पहचान कर ली गई है, जिनसे आगे पूछताछ जारी है।
नीलम गोरहे ने उम्मीद जताई है कि जांच सभी पहलुओं से और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा जनता का सीआईडी पर विश्वास और मजबूत होगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।