पुणे बजट 2026-27 पर घमासान के बीच पास हुआ प्रस्ताव, विपक्ष ने उठाए ट्रैफिक और फंडिंग पर सवाल

Pune Municipal Corporation का 15,669 करोड़ रुपये का बजट देर रात तक चली मैराथन बैठक के बाद सर्वसम्मति से पारित हुआ। विपक्ष ने ट्रैफिक, कचरा प्रबंधन और वित्तीय अंतर को लेकर कड़े सवाल उठाए।
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पुणे महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Municipal Budget 2026: पुणे महानगर पालिका (पीएमसी) की जनरल बॉडी मीटिंग में बुधवार को देर रात तक चली मैराथन चर्चा के बाद शहर के विकास के लिए अब तक का सबसे बड़ा 15,669 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया।

इस ऐतिहासिक बजट सत्र की चर्चा सुबह से शुरू होकर देर रात 12 बजे तक चली, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

आदमनी बढ़ाना समय की मांगः श्रीनाथ भिमाले

चर्चा का समापन करते हुए स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शहर के बढ़ते विस्तार और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए मनपा की आय बढ़ाना अब अनिवार्य हो गया है।

विपक्ष ने उठाए बुनियादी मुद्दों पर ढेरों सवाल

  • भले ही भाजपा के बहुमत के कारण बजट को हरी झंडी मिल गई, लेकिन विपक्ष ने इसे 'फुलाया हुआ बजट' करार दिया।
  • विपक्ष ने ट्रैफिक और कचरा प्रबंधन, बजट में 7,000 करोड़ का भारी अंतर, शिवसृष्टि परियोजना में हो रही देरी सहित कई मुद्दों पर प्रशासन को घेरा।
  • एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता काका चव्हाण ने शहर की दमघोंटू ट्रैफिक समस्या पर चिंता जताई और एक 'आदर्श गांव' विकसित करने का सुझाव दिया।
  • कांग्रेस नेता रामचंद्र कदम ने आरोप लगाया कि बजट वास्तविक आंकड़ों से 7,000 करोड़ रुपये ज्यादा दिखाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।
  • उन्होंने पानी की किल्लत और सीवेज प्रबंधन पर भी सवाल उठाए, नगरसेवक अमोल बालवडकर ने 'शिवसृष्टि' परियोजना के लिए सात साल बाद भी जमीन अधिग्रहण न होने पर सत्ता पक्ष को आड़े हाथों लिया।
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