पुणे-मुंबई 'मिसिंग लिंक' का काम अंतिम चरण में; चर्होली के पुल का मरम्मत कार्य भी शुरू

Missing Link project: पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे की ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना 93% पूरी हो चुकी है और अगले साल शुरू होगी। वहीं चर्होली पुल की मरम्मत से आलंदी व आसपास के इलाकों में ट्रैफिक बढ़ने की आशंका है।
Pune Mumbai Missing Link Project
पुणे-मुंबई 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Pune Mumbai Expressway Update: पुणे-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर खतरनाक घाट सेक्शन और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए बनाई जा रही 'मिसिंग लिंक' परियोजना अब पूर्णता की ओर है। इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा, यानी 181 मीटर ऊंचा दरीपूल (घाटी पुल), 93 फीसदी बनकर तैयार हो चुका है। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के अनुसार, अगले साल इसे खोल दिया जाएगा।

समय की होगी बचत

इस 13.3 किमी लंबी लिंक परियोजना के शुरू होने से पुणे और मुंबई के बीच की कुल दूरी में 6 किमी की कमी आएगी। यात्रियों के करीब 25 से 30 मिनट बचेंगे. इस प्रोजेक्ट के तहत 1.68 किमी और 8.87 किमी की दो विशाल सुरंगें बनाई गई है। अब निर्माण कार्य में अत्यधिक तेजी लाई गई है।

शुरू हुआ चर्होली के पुल का मरम्मत कार्य

चर्होली बुद्रुक और चहॉली खुर्द को जोड़ वाले महत्वपूर्ण 'सरसेनापति खंडेराव दाभाडे सरदार पुल' के मरम्मत का कार्य प्रशासन द्वारा आखिरकार शुरू कर दिया गय है। सुरक्षा कारणों के चलते इस पुल को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र की परिवह व्यवस्था प्रभावित होने वाली है, विशेषकर आलंदी और देहू फाल इलाके में भीषण ट्रैफिक जाम लगने की आशंका प्रबल हो गई है

प्रशासन की देरी से बढ़ी परेशानी

चर्होली और आसपास के गांवों की 'लाइफलाइन' माना जा वाला यह पुल पिछले लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। एक बड़े हिस्से में गहरे गड्ढे हो गए थे, जिससे वाहन चलाना जानलेवा साबित हो रहा था। बार-बार खबरें प्रकाशित होने और स्थानीय निवासियों की मांग के बाद अब जाकर प्रशासन की नींद टूटी है। हालांकि, मरम्मत कार्य शुरू होना राहत की बात है लेकिन वैकल्पिक मार्ग की सुदृढ़ व्यवस्था न होने से नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।

आलंदी पर बढ़ेगा यातायात का भारी दबाव

आलंदी एक प्रमुख तीर्थस्थल है, जहां भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर उन्हें चहॉली मार्ग से डायवर्ट किया जाता था। अब पुल बंद होने के कारण सारा भारी यातायात आलंदी शहर की संकरी सड़कों से होकर गुजरेगा। इससे लोणीकंद फाटा तक वाहनों की लंबी कतारें लग सकती है। धानोरे, सोलू, मरकल, तुलापुर और फुलगांव जैसे इलाकों के दूध उत्पादकों, छात्रों और कामगारों को अब कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना होगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com