

Pune Mumbai Expressway Missing Link: पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के बहुप्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में इस मार्ग पर केवल हल्के वाहनों को ही चलने की अनुमति दी जाएगी। इसमें कार और बसों को प्राथमिकता दी गई है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) कार्यालय द्वारा जल्द ही आधिकारिक सर्कुलर जारी किया जाएगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) द्वारा 13.3 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन अगले माह किए जाने की तैयारी चल रही है।
आंकड़ों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लगभग 70 प्रतिशत वाहन कार और बसें हैं। इसी आधार पर पहले छह महीनों तक केवल इन्हीं वाहनों को अनुमति दी जाएगी। मानसून के बाद भारी वाहनों को अनुमति देने पर विचार किया जाएगा।
पुणे हाईवे पुलिस के अनुसार, बोरघाट क्षेत्र में भारी वाहनों के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाएं होती हैं। ‘मिसिंग लिंक’ शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में यातायात का दबाव लगभग 70 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम होगी।
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी लंबी सुरंग है, जिसकी लंबाई 8.92 किलोमीटर है और इसे एशिया की सबसे बड़ी सुरंगों में गिना जा रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले वाहनों पर स्थायी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
हाल ही में एमएसआरडीसी, परिवहन विभाग और सेव लाइफ फाउंडेशन के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और यातायात प्रबंधन की समीक्षा की। यह प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलने की उम्मीद है।