Pune Metro: पुणे की पिंक लाइन तैयार, PM मोदी 4 नवंबर को करेंगे उद्घाटन; 23 में से 17 स्टेशन पर शुरू होगा सफर

Pune Metro Line 3: पीएम मोदी 3 नवंबर को पुणे मेट्रो लाइन-3 का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। 4 नवंबर से 17 स्टेशनों पर यात्री सेवा शुरू होगी। पीक आवर्स में हर 6 मिनट पर मेट्रो मिलेगी।
Pune Metro Line 3 Hinjewadi Shivajinagar Service Launch
PMRDA मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान(फोटो नवभारत)
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Highlights

  • पुणे मेट्रो लाइन-3 की लंबाई 23.2 किमी और लागत 8,313 करोड़ रुपये है।

  • 4 नवंबर से 17 स्टेशनों पर सेवा शुरू होगी।

  • रोजाना 2 से 2.5 लाख यात्रियों को लाभ मिलने का अनुमान है।

Hinjewadi Shivajinagar Service Line Launch: पुणे की बहुप्रतीक्षित मेट्रो लाइन-3 (माण-हिंजवड़ी से शिवाजीनगर) का उद्घाटन 3 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन करेंगे। इसके अगले दिन यानी 4 नवंबर से इस मार्ग पर नियमित यात्री सेवा शुरू हो जाएगी। शुरुआती चरण में 23 में से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे।

पीक आवर्स में हर छह मिनट और सामान्य समय में हर 12 मिनट पर मेट्रो उपलब्ध होगी। इस मार्ग के शुरू होने से हिंजवड़ी आईटी पार्क और पुणे के प्रमुख व्यावसायिक एवं प्रशासनिक क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। मेट्रो का उद्घाटन समारोह 3 नवंबर को सुबह 10.30 बजे म्हालुंगे-बालेवाड़ी स्थित श्री शिवछत्रपति खेल परिसर के बैडमिंटन हॉल में आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगे। पीएमआरडीए आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, अतिरिक्त आयुक्त के. मंजुलक्ष्मी, पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड (पीआईटीसीएमआरएल) के सीईओ अनिलकुमार सैनी और मुख्य अभियंता रिनाज पठाण ने शनिवार को आकुर्डी स्थित पीएमआरडीए मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।

23 में से 17 स्टेशन पहले चरण में खुलेंगे

डॉ. चौधरी ने बताया कि पुणे मेट्रो लाइन-3 कुल 23.203 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड मेट्रो लाइन है। इसे 'पुणेरी मेट्रो' और 'पिंक लाइन' के नाम से भी जाना जाता है। यह माण से शुरू होकर हिंजवड़ी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क के रास्ते शिवाजीनगर तक जाती है। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। इसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न सुविधाओं के स्थानांतरण का खर्च भी शामिल है।

शुरुआत में 17 स्टेशन यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगे। इनमें माण, माण-एमआईडीसी सर्कल फेज-2, माण बस डिपो, हिंजवड़ी फेज-2 सर्कल-1, पद्मभूषण चौक, हिंजवड़ी फेज-2 सर्कल-2, शिवछत्रपति शिवाजी महाराज चौक, हिंजवड़ी फेज-1, वाकड़ चौक, श्री शिवछत्रपति खेल परिसर, म्हालुंगे, मिटकॉन, आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम, औंध, सकालनगर, सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय और जिला एवं सत्र न्यायालय शामिल हैं।

इनमें सात स्टेशनों पर फिलहाल एक-एक सीढ़ी और शेष दस स्टेशनों पर दोनों सीढ़ियां यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेंगी। स्टेशन क्रमांक 13 और 14 का काम नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। जबकि शेष चार स्टेशन क्रमांक 15, 16, 20 और 22 को जनवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा।

सुबह 6 से रात तक मिलेगी सेवा

पीआईटीसीएमआरएल के सीईओ अनिलकुमार सैनी ने बताया कि 4 नवंबर को सुबह 6 बजे माण से पहली मेट्रो रवाना होगी। माण से जिला न्यायालय की दिशा में अंतिम मेट्रो रात 10.30 बजे और जिला न्यायालय से माण की ओर अंतिम मेट्रो रात 11.40 बजे रवाना होगी। व्यस्त समय में हर छह मिनट और अन्य समय में हर 12 मिनट पर मेट्रो उपलब्ध रहेगी।

जिला न्यायालय स्टेशन पर इस लाइन को महामेट्रो की लाइन-1 (पिंपरी-चिंचवड़ से स्वारगेट) और लाइन-2 (वनाज से रामवाड़ी) से जोड़ा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए तीनों मार्गों के उपयोग को आसान बनाने के उद्देश्य से संयुक्त टिकटिंग ऐप भी विकसित किया गया है।

मेट्रो के वातानुकूलित कोच में मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा होगी। ट्रेनों में सीबीटीसी सिग्नलिंग और 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। मेट्रो में अल्स्टॉम के कोच लगाए गए हैं।

हिंजवड़ी की ट्रैफिक समस्या से मिलेगी राहत

इस परियोजना का उद्देश्य हिंजवड़ी आईटी पार्क को पुणे जिले के मध्यवर्ती हिस्सों से तेज और सुविधाजनक परिवहन सुविधा के जरिए जोड़ना है। इसके लिए मेट्रो स्टेशनों पर पीएमपीएमएल बस, ऑटो रिक्शा, ओला-उबर टैक्सी और ई-बाइक जैसी सेवाओं के साथ समन्वय किया जा रहा है। यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए अलग पिकअप-ड्रॉप पॉइंट बनाए जा रहे हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जा रही है।

इसके अलावा साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मेट्रो से हिंजवड़ी, वाकड़, बाणेर, बालेवाड़ी, औंध, म्हालुंगे, गणेशखिंड रोड और शिवाजीनगर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। प्रतिदिन करीब दो से ढाई लाख यात्रियों के इस सेवा का लाभ उठाने का अनुमान है।

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देश की पहली पीपीपी आधारित मेट्रो परियोजना

डॉ. चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय मेट्रो रेल नीति-2017 के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर) पद्धति से विकसित होने वाली यह देश की पहली मेट्रो परियोजना है। पीएमआरडीए के साथ हुए करार के तहत पुणे आईटी सिटी मेट्रो रेल लिमिटेड इस परियोजना को क्रियान्वित कर रही है। इसमें टीआरआईएल अर्बन ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और सीमेंस प्रोजेक्ट वेंचर्स जीएमबीएच की भागीदारी है।

परियोजना के सभी हिस्सों का रेलवे डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ) से निरीक्षण पूरा हो चुका है। माण से आर. के. लक्ष्मण म्यूजियम तक 12.60 किलोमीटर के पहले चरण को 23 जुलाई 2026 को और शेष पांच स्टेशनों वाले हिस्से को 23 सितंबर 2026 को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) की अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिली है। स्टेशनों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल के 350 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

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30 फीसदी बिजली सौर ऊर्जा से

परियोजना में कुल 7.60 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित की गई है। इसमें 6.10 मेगावाट क्षमता मेट्रो स्टेशनों और 1.50 मेगावाट क्षमता कार डिपो में है। इससे परियोजना की करीब 30 प्रतिशत बिजली जरूरत हरित ऊर्जा से पूरी होगी।

मुख्य अभियंता रिनाज पठाण ने बताया कि निर्माण में ग्राउंड ग्रैन्युलेटेड ब्लास्ट फर्नेस स्लैग (जीजीबीएस) के इस्तेमाल से करीब 28 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोकने में मदद मिली है। इसके अलावा दो हजार टन स्टील और 60 करोड़ लीटर पानी की बचत हुई है। परियोजना से प्रभावित पेड़ों के बदले 5,500 नए पौधे लगाए गए हैं, जबकि 750 पेड़ों का पुनर्रोपण किया गया है। इनमें 80 प्रतिशत पेड़ों के जीवित रहने की जानकारी दी गई है।

मेट्रो चलाएंगी करीब 100 महिला ट्रेन पायलट

इस मेट्रो की एक खासियत यह भी है कि सभी ट्रेनें करीब 100 महिला ट्रेन पायलट चलाएंगी। इसके अलावा स्टेशन नियंत्रक, टिकट कर्मचारी और स्टेशन अटेंडेंट सहित कुल स्टेशन कर्मचारियों में करीब 50 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

परियोजना के तहत गणेशखिंड रोड स्थित विश्वविद्यालय चौक पर एकीकृत दो मंजिला फ्लाईओवर भी बनाया गया है। औंध से शिवाजीनगर दिशा का पुल 20 अगस्त 2025 को यातायात के लिए खोला गया था। शिवाजीनगर-बाणेर और बाणेर-शिवाजीनगर दिशाओं में भी 8 मार्च 2026 से यातायात शुरू हो चुका है। पाषाण रैंप का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

पीएमआरडीए के अनुसार, बालेवाड़ी के अमर टेक पार्क परिसर में पीएमआर-11 स्टेशन के पास करीब 30 हजार वर्गफुट और बाणेर के एबीजेड परिसर में पीएमआर-14 स्टेशन के पास 21 हजार वर्गफुट क्षेत्र में पार्किंग सुविधा विकसित की गई है। इससे मेट्रो से यात्रा करने वाले वाहनधारकों को सुविधा मिलेगी।

- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट