

Pune Metro Expansion Plan: पुणे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को 'मेट्रो भवन' के उद्घाटन के अवसर पर पुणे मेट्रो के भविष्य की एक व्यापक और महत्वाकांक्षी रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने पुणे महानगर पालिका, पिंपरी-चिंचवड़ और पीएमआरडीए क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए कुल 200 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की है। इस विशाल परियोजना को छोटे टुकड़ों में बांटने के बजाय एक समग्र और एकीकृत नियोजन (डीपीआर) के साथ अगले ढाई से तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस कार्य के लिए धन की कमी नहीं होने देगी और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भविष्य के ग्रोथ सेंटर, औद्योगिक क्षेत्रों और नए प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ध्यान में रखते हुए इस नेटवर्क का विस्तार करें।
पुणे मेट्रो को देश की सबसे तेज गति से विकसित होने वाली परियोजनाओं में से एक बताते हुए मुख्यमंत्री इसके आधुनिक डिजाइन और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सराहना की। वर्तमान में शहर में लगभग 33 किलोमीटर का मार्ग संचालित है, जिसे जल्द ही 56 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा। इस विस्तार में टाटा समूह के सहयोग से पीपीपी मॉडल पर बन रही 23 किलोमीटर लंबी हिंजवडी-शिवाजीनगर लाइन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हालांकि, इस तीसरी मेट्रो लाइन के शुरू होने के समय में थोड़ा बदलाव हुआ है। पहले इसे मार्च के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन अब तकनीकी और निर्माण संबंधी अंतिम कार्यों के कारण यह सेवा जून-जुलाई तक दो चरणों में शुरू हो सकेगी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 'मेट्रो भवन' को आधुनिक पुणे की प्रगति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि रिंग रोड, चौड़ी सड़कों और मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। पुणे और पिपरी-चिंचवड के आर्थिक महत्व को देखते हुए यह 200 किलोमीटर का नियोजित जाल न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि पुणे के शहरी ढांचे को वैश्विक स्तर की पहचान भी दिलाएगा।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री तथा पुणे की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार, उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाल, महापौर मंजुषा नागपुरे, सांसद मेधा कुलकर्णी, विधायक योगेश टिलेकर, भीमराव तापकीर, सुनील कांबले, हेमंत रासने और बापू पठारे सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव असीम गुप्ता, पुणे के विभागीय आयुक्त डॉ चंद्रकांत पुलकुंडवार तथा महामेट्रो के प्रबंध निदेशक श्रवण हर्डीकर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।