

Children drowned in Pune Junnar: पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित बल्लालवाड़ी गांव से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे गडेकर के खेत में बने एक तालाब में डूबने से दो छोटे बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस आकस्मिक दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और मृतक बच्चों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मृत बच्चों की पहचान पवार और नवले परिवारों के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे दोपहर के समय खेत के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे गहरे तालाब में जा गिरे। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद इस खौफनाक मंजर का पता चला।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुँचे। स्थानीय बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शवों को तालाब से बाहर निकाला। बच्चों को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
घटना: जुन्नर तालुका के बल्लालवाड़ी में दोपहर करीब 12:30 बजे खेत के तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत।
मृतक: बच्चों की पहचान पवार और नवले परिवारों के रूप में हुई है।
कारण: खेलते समय संतुलन बिगड़ने से बच्चे गहरे तालाब में जा गिरे।
मुद्दा: कृषि तालाबों (Shet-Tale) के चारों ओर सुरक्षा जाल (Fencing) न होने से बढ़ती दुर्घटनाएं।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में कृषि के लिए बनाए गए तालाबों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। सिंचाई के लिए ये तालाब किसानों के लिए वरदान माने जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी इन्हें 'डेथ ट्रैप' बना रही है।
जुन्नर तालुका के नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन इन तालाबों के चारों ओर सुरक्षा जाल (Fencing) अनिवार्य करे, ताकि भविष्य में ऐसी निर्दोष जानें न जाएं। जुन्नर तालुका में इस समय गहरा शोक का माहौल है और स्थानीय प्रशासन ने किसानों से अपने कृषि तालाबों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की है।