

Pune News In Hindi: पुणे मनपा की सीमा में शामिल किए गए 23 गांवों में निर्माण कार्य की अनुमति देने का अधिकार अब आखिरकार महानगर पालिका प्रशासन को सौंपने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय से इन क्षेत्रों में अनुमति प्रक्रिया और विकास कार्यों की योजना बनाना अब अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा, जिससे इन गांवों के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। गुरुवार को नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) की बैठक में यह महत्वपूर्ण आदेश दिया गया।
पीएमआरडीए की स्थापना के बाद उसकी सीमा में आने वाले ये 23 गांव बाद में पीएमसी में शामिल हो गए थे। हालांकि, इन गांवों की विकास योजना पहले से ही पीएमआरडीए द्वारा तैयार की जा रही थी, इसलिए निर्माण अनुमति देने का अधिकार भी उन्हीं के पास था।
निर्माण अनुमति से मिलने वाला राजस्व भी पीएमआरडीए को मिलता था। 2022 में यह निर्णय लिया गया था कि इन गांवों से मिलने वाले राजस्व का एक हिस्सा महानगर पालिका को दिया जाएगा, लेकिन यह राशि अभी तक पूरी तरह से पीएमसी को नहीं मिल पाई है।
समस्या यह थी कि इन शामिल किए गए गांवों में अनुमति देने का अधिकार पीएमआरडीए के पास था, जबकि दैनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी पीएमसी की थी। इस दोहरी व्यवस्था के कारण दोनों प्रशासनिक संस्थाओं के बीच अक्सर एक 'गुप्त संघर्ष' रहता था, जिससे नागरिकों को असुविधा होती थी।
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इन समस्याओं को देखते हुए नागरिकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री तथा पुणे के पालक मंत्री अजीत पवार से लगातार मांग की थी कि इन गांवों में निर्माण कार्य की अनुमति देने की जिम्मेदारी पूरी तरह से महानगर पालिका को सौंपी जाए। पवार ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी।
गुरुवार को नागपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में पीएमआरडीए की पांचवीं बैठक हुई। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बैठक में शामिल किए गए 23 गांवों में निर्माण कार्यों के अधिकार तत्काल प्रभाव से महानगर पालिका को सौंपने का आदेश दिया है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि पुणे महानगर के लिए निर्धारित समय सीमा में 'स्ट्रक्चर प्लान' तैयार करते समय भविष्य में बढ़ने वाली जनसंख्या और शहरीकरण को ध्यान में रखा जाए, प्लान तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए। विकास की योजना बनाते समय, विभिन्न प्राधिकरणों को कुछ क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी देने के बजाय, पूरे क्षेत्र का विकास एक ही प्राधिकरण द्वारा किया जाए।
- देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
मनपा में शामिल किए गए 23 गांवों में सड़क, पानी, ड्रेनेज लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर निर्माण अनुमतियां दी गई हैं। इससे इन क्षेत्रों में बड़ी समस्याएं पैदा हो गई हैं। प्रशासन ने पीएमआरडीए से मांग की थी कि उपरोक्त सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए बिना निर्माण अनुमतियां न दी जाएं। अनुमतियां देने का अधिकार मनपा को मिलने के बाद हम इस निर्णय को लागू करेंगे।
- नवल किशोर राम, आयुक्त पुणे मनपा