गणेश विसर्जन में बेकाबू शोर! 92.6 डेसिबल औसत शोर स्तर ने खोली प्रशासन की तैयारियों की पोल

गणेशोत्सव के दौरान पुणे शहर में ध्वनि प्रदूषण ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने इसको लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें औसत 92.6 डेसिबल का प्रदूषण दर्ज हुआ।
गणेशोत्सव के दौरान पुणे शहर में ध्वनि प्रदूषण ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। सीओईपी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने इसको लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें औसत 92.6 डेसिबल का ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया है।
पुणे में गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: पुणे के भव्य गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान ध्वनि प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। सीओईपी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक 6 और 7 सितंबर को लक्ष्मी रोड के 10 प्रमुख चौकों पर ध्वनि का स्तर मापा गया।

इसमें औसत ध्वनि स्तर 92.6 डेसिबल दर्ज किया गया, जबकि खंडूजीबाबा चौक पर यह अधिकतम 109 डेसिबल तक के स्तर पर पहुंच गया जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में शोर में थोड़ी कमी जरुर आई है लेकिन १० डेसिबल से ऊपर व्य औसत स्तर यह दिखाता है कि पुलिस, महानगरपालिका और प्रशासन की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित रही। डीजे पर नियंत्रण की बात तो की जाती है, लेकिन ढोल-ताशों की आवाज भी खतरनाक स्तर तक पहुंच रही है।

नगर मित्र मंडल में ध्वनि प्रदूषण 93.4 डेसिबल

महाराष्ट्र प्रदूषण नियत्रण मंडल ने इस वर्ग पुणे शहर के 200 मंडल में ध्वनि निरीक्षण किया, जिसने मिले-जुले रचान सामने आए। कुछ जगहों पर शोर में कमी दिसी तो कुछ इलाकों में यह काफी बढ़ गया। 27 अगस्त से 2 सितंबर तक के आकड़े में यह बदलाव दिखता है। शिवाजी नगर स्थित बाली महाराज चौक के पास तालामा साहुजी गायकवाड रोड पर 27 अगस्त को अनि स्तर 74.5 डेसिबल था। जो अगले दिन 71,1 डेसिबल हो गया, लेकिन कुछ ही ने निर्धारित सीमा से ज्यादा शोर दर्ज किया, जैसे शिवाजीनगर के जंगली महाराज रोड पर उत्कर्ष मित्र मंडल ने 28 अगस्त को 87.7 डेसिबल और सहकारनगर के अखिल यशवंतराव चव्हान नगर मित्र मंडल ने सितंबर को 93.4 दाखिल दर्ज किया।

उल्लेखनीय कमी

औंध-वाकड रोड के ऋषी चौक पर दिन में ध्वनि स्तर में 11 डेसिबल से अधिक की कमी आई। पुराने बाजार चौक पर रात में 6 डेसिबल से अधिक की कमी दर्ज की गई।

चिंताजनक क्षेत्र

रविवार पेठ के सोन्या मास्ती चौक पर दिन का शोर 11 डेसिबल से ज्यादा बढ़ गया, लक्ष्मी नगर चौक और संत कबीर चौक में भी क्रमशः 2।58 और 5।69 डेसिबल की वृद्धि हुई।

मिला-जुला रुझान

बाणेर के कस्तुरी सर्कल चौक में दिन के समय शोर घटा, लेकिन रात में बढ़ गया। ये तुलनात्मक आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पुणे के अलग-अलग हिस्सों में ध्वनि प्रदूषण का स्तर अलग-अलग है।

नियम लागू करने में होंगे मददगार

MPCB का मानना है कि ये आंकड़े भविष्य में नीति निर्धारण और नियमों को लागू करने में मददगार साबित होंगे।

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