नसरापुर कांड में दोषी को मौत की सजा, उपमुख्यमंत्री शिंदे बोले- महाराष्ट्र में कानून का राज

Nasarapur Assault Case के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। 60 दिनों में पूरा हुआ ट्रायल महाराष्ट्र के सबसे तेज मामलों में शामिल हो गया, जिस पर मुख्यमंत्री सहित सभी दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।
Nasarapur Assault Case Death Sentence News
नसरापुर केस पर महाराष्ट्र के नेताओं का रिएक्शन (सौ. डिजाइन फोटो )
Updated on

Nasarapur Assault Case Death Sentence News: नसरापुर यौन शोषण मामले के दोषी पाए गए भीमराव कांबले (65) को पुणे जिला सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एतिहासिक फैसला करार दिया है।

इस फैसले का सभी पार्टियों के नेताओं ने सराहना की है। नसरापुर कांड का मामला सोमवार को विधानसभा में भी गूंजा। मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि अदालत ने 60 दिन में आरोपी को सजा सुनाई है।

यह राज्य का पहला ऐसा मामला है जो सबसे तेजी से सुलझाया गया है।, मैं जस्टिस एसआर सालुंखे का खास तौर पर शुक्रगुजार हूं। पुलिस ने बहुत कम समय में केस की जांच की। सबूत इकड्डा किए गए। कोर्ट ने भी लगातार सुनवाई के बाद फैसला सुनाया है। सिर्फ 14 दिनों में चार्जशीट फाइल की गई। केवल 16 दिनों में 55 गवाहों से पूछताछ और क्रॉस-एग्जामिनेशन किया गया।

महाराष्ट्र में कानून का राज डीसीएम: शिंदे

एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का राज है और यहां यहां अपराधियों को कोई छूट नहीं है। इस मामले में न्याय हुआ है। यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो महिलाओं और लड़कियों पर जुल्म करते हैं। भविष्य में कोई भी ऐसा घिनौना काम करने की हिम्मत नहीं करेगा। ऐसे कातिली के लिए समाज या कानून के राज में कोई जगह नहीं है।

न मिले हत्यारों को राहत : नीलम गोरहे

शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता नीलम गोरहे ने कहा कि इस सरकार ने महिलाओं के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। ऐसे अमानवीय अपराधों में समय पर न्याय मिलना बहुत जरूरी है। इससे न्यायपालिका पर लोगों का भरोसा मजबूत होता है। सरकार को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले की अच्छे से पैरवी करनी चाहिए, ताकि आरोपियों को - कोई राहत न मिले। कोई अपील वर्षों तक लंबित न रहे।

नराधमों को दो चौराहे पर फांसी : सुप्रिया सुले

राकांपा (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले ने कोर्ट पुलिस और मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एसे नराधमों को चौराहे पर फांसी दी जानी चाहिए। जिस दिन यह कुरी घटना हुई सामने आई थी, हमने तय किया था कि इस मामले में राजनीति नहीं आएगी। हम मुख्यमंत्री से मिले थे और उन्होंने हमससे वादा किया था कि आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी।

मिलेगी बच्चों को सुरक्षा : संजय पुराणिक

महाराष्ट्र स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के चेयरमैन संजय पुराणिक ने कहा कि गंभीर अपराध में आरोपी को मौत की सजा मिलने से बच्चों की सुरक्षा के लिए मौजूद ज्यूडिशियरी सिस्टम में लोगों का भरोसा मजबूत हुआ है। बच्चों को न्याय दिलाने के लिए अलग-अलग सिस्टम के बीच जो असरदार तालमेल हुआ है, वह एक मिसाल है। इससे समाज में बच्चों के खिलाफ जुर्म करने वालों के लिए संदेश गया है। कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं है।

Navbharat Live
navbharatlive.com