Pune: परिवारिक तनाव के 301 मामले, 238 सुलझाए गए महिला परामर्श केंद्रों ने

Pune District के बारामती, शिरूर और जुन्नर में महिला परामर्श केंद्रों ने अप्रैल-नवंबर 2025 के दौरान 301 में से 238 पारिवारिक विवादों को सुलझाया। काउंसलिंग और मध्यस्थता से कई परिवारों को राहत मिली।
Pune Women Cell
पुणे परिवार परामर्श केंद्र (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: बारामती, शिरूर और जुन्नर इन तीन तहसीलों में कार्यरत महिला परामर्श केंद्रों ने अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान कुल 301 मामलों पर काम किया, जिनमें से 238 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।

इन तीनों तहसीलों में, जुन्नर तहसील सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 121 मामले प्राप्त हुए थे। इनमें से 91 मामलों का निपटारा कर दिया गया, जबकि 30 मामले लंबित हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इन केंद्रों ने प्रभावी कामकाज किया था। उस वर्ष कुल 504 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 406 मामलों का निवारण किया गया।

इस अवधि में भी जुन्नर तहसील में सर्वाधिक 192 मामले सामने आए थे, जिनमें से 121 मामलों का समाधान किया गया, जबकि 71 मामले लंबित रहे। वहीं, बारामती तहसील में 190 मामले दर्ज किए गए थे, जिनका पूरी तरह से निवारण किया गया है। यह आंकड़ा प्रशासन की सफलता को दशांता है।

महिला परामर्श केंद्रों की भूमिका पारिवारिक और वैवाहिक तनावों को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। घरेलू विवाद, पति-पत्नी के बीच होने वाले मतभेद, आर्थिक तनाव, जिम्मेदारियों को लेकर तनाव, और उत्पीड़न की शिकायतें जैसी कई समस्याएं लेकर नागरिक अक्सर सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचते हैं।

लेकिन जब मामला किसी गंभीर अपराध की श्रेणी में नहीं आता है और उसे बातचीत, समझाइश और काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। तब पुलिस ऐसे मामलों को हस्तक्षेप के लिए महिला परामर्श केंद्र में भेजती है।

पारिवारिक तनावों के बीच सुलह व मध्यस्थता की प्रक्रिया

महिला परामर्श केंद्रों में प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा विवाद सुलझाने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाती है। वे दोनों पक्षों से पहले अलग-अलग और फिर संयुक्त रूप से बातचीत करते हैं, विवाद का मूल कारण समझते हुए, शांत और सकारात्मक वातावरण में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाता है।

परस्पर चर्चा, मध्यस्थता, कानूनी मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग के माध्यम से कई परिवारों को दोबारा स्थिरता मिलती है। इस प्रक्रिया से रिश्ते टूटने से बच जाते हैं और कई मामले अदालत या पुलिस जांच तक जाने से पहले ही आपसी सहमति से हल हो जाते हैं, महिला और परिवारों की सुरक्षा में ऐसे केंद्रों का महत्व लगातार बढ़ रहा है, इसकी प्रभावशीलता और विश्वसनीयता पिछले दो वर्षों के आकड़ों से स्पष्ट है। बढ़ते पारिवारिक तनावों के बीच ये केंद्र नागरिकों के लिए एक मजबूत सहारा बनते जा रहे हैं।

महिला परामर्श केंद्र पुलिस स्टेशन के संपर्क में रहता है। जी कैस काउंसलिंग के लिए आते हैं, वे भी इस केंद्र को भेजे जाते हैं। है और उनका फॉलोअप लेकर इन मामलों का निवारण किया जाता है।

रोहिणी ढवले, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी, पुणे

पुणे से नवभारत लाइव के लिए महेश बदने की रिपोर्ट

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