महाराष्ट्र के किसानों का पैसा रोका तो नहीं चलेगी चीनी मिल, 100% FRP भुगतान के बाद ही मिलेगी पेराई की मंजूरी

Maharashtra Sugar Mills: महाराष्ट्र में 2026-27 गन्ना पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों को 100% FRP और किसानों के पुराने बकाये का भुगतान प्रमाणित करना होगा, तभी पेराई की अनुमति मिलेगी।
Maharashtra Sugar Mills Must Clear Farmer Dues
चीनी मिल(फोटो नवभारत)
Published on
Updated on

Sugar Mills Must Clear Farmer Dues: आगामी 2026-27 के गन्ना पेराई सत्र के लिए चीनी मिलों को पेराई अनुमति प्राप्त करने से पहले पिछले सत्र में किसानों को देय उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) की 100 प्रतिशत राशि चुकाना अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके साथ ही वर्ष 2024-25 या उससे पहले के सत्रों में गन्ना आपूर्तिकर्ताओं को राजस्व हिस्सेदारी सूत्र (RSF) के तहत देय पूरी राशि का भुगतान किए जाने का प्रमाणपत्र भी पेराई अनुमति के प्रस्ताव के साथ प्रस्तुत करना होगा।

ऐसे में गन्ना उत्पादकों का बकाया नहीं चुकाने वाली चीनी मिलों के लिए इस वर्ष पेराई अनुमति हासिल करना मुश्किल होगा।

चीनी मिलों की पेराई अनुमति प्रक्रिया

सत्र 2026-27 के लिए चीनी मिलों को पेराई अनुमति हासिल करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी। चीनी आयुक्तालय की ओर से मिलों को ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी पात्र चीनी मिलें ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से अपना प्रस्ताव और आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगी। पेराई शुरू करने से पहले मिलों को सरकार द्वारा तय नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से अनुमति संबंधी कामकाज में पारदर्शिता और तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से मिलों को समय पर आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि आगामी पेराई सत्र में किसी तरह की परेशानी न हो।

लाइसेंस शुल्क और पेराई सुरक्षा

पेराई अनुमति के लिए चीनी मिलों को लाइसेंस शुल्क और पेराई सुरक्षा जमा राशि का भुगतान करना होगा। इसकी रसीद ऑनलाइन प्रणाली पर पीडीएफ के रूप में अपलोड करनी होगी।

मुख्यमंत्री सहायता निधि, लोकनेते गोपीनाथ मुंडे गन्ना कटाई श्रमिक कल्याण महामंडल निधि और चीनी संकुल निधि से संबंधित मामले न्यायालय में लंबित हैं। इसलिए इनके संबंध में अलग से निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे।

Maharashtra Sugar Mills Must Clear Farmer Dues
रंगों के जरिए बच्चे सीखेंगे संविधान और अधिकार, मंत्री अदिति तटकरे ने मुंबई में किया कलरिंग बुक लॉन्च

आर्थिक सहायता के उपयोग का प्रमाण भी देना होगा

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) से आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली सहकारी चीनी मिलों को सहायता राशि के विनियोग का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा।

इसके अलावा सहकारी चीनी मिलों को बकाया सरकारी शेयर पूंजी, ऋण और गारंटी शुल्क सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा में चुकाना अनिवार्य होगा। इसके लिए समयबद्ध कार्यक्रम तैयार कर सरकारी देनदारियों का भुगतान करना होगा।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com