

Maharashtra Onion Farmer News: प्याज के गिरते दामों और बढ़ती उत्पादन लागत से परेशान किसानों का आक्रोश अब नए रूप में सामने आने लगा है। जुन्नर तहसील के डिंगोरे गांव के एक किसान ने खेती में लगातार हो रहे नुकसान से तंग आकर तहसीलदार को पत्र लिखकर गांजा की खेती की अनुमति देने की मांग की है।
इस पत्र ने क्षेत्र में चर्चा छेड़ दी है। महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बीज, खाद, मजदूरी और परिवहन लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि फसल को उचित मूल्य नहीं मिल रहा।
ऐसे में किसानों ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। डिंगोरे गांव के प्याज उत्पादक किसान सुनील उकिर्डे ने तहसीलदार को लिखे पत्र में कहा है कि बढ़ती लागत और बेहद कम बाजार भाव के कारण खेती करना मुश्किल हो गया है। नाफेड द्वारा घोषित 12.35 रुपये प्रति किलो का खरीद मूल्य किसानों के लिए बिल्कुल भी लाभकारी नहीं है।
सुनील उकिर्डे ने अपने पत्र में लिखा है कि उन्होंने वर्ष 2025-26 के सीजन में 10 एकड में प्याज की खेती की थी। इस पर प्रति एकड़ लगभग 1.20 लाख रुपये का खर्च आया, लेकिन सरकार द्वारा घोषित खरीद दर इतनी कम है कि उन्हें प्रति एकड़ 40 से 45 हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार घाटे के कारण खेती करना अब संभव नहीं रह गया है और परिवार का भरण-पोषण भी कठिन हो गया है। किसान ने पत्र में व्यंग्यात्मक और विरोध स्वरूप मांग करते हुए कहा है कि यदि पारंपरिक खेती से किसानों को उचित आय नहीं मिल रही है, तो उन्हें नुकसान की भरपाई के लिए गांजा की खेती की अनुमति दी जाए।