पुणे: गड्ढे में भरा था बारिश का पानी, उसी में गिर गया 2 साल का मासूम... कुछ ही देर में चली गई जान

Pune Child Drowning: महाराष्ट्र में भारी बारिश के बीच कई हादसे हुए। पुणे में लापरवाही के गड्ढे में डूबने से 2 वर्षीय मासूम की मौत हो गई, वहीं मीरा-भायंदर में पेड़ गिरने से एक युवक की जान गई।
Heavy rains in Maharashtra led to tragic accidents, including a toddler drowning in Pune due to negligence and a youth dying after a tree collapse in Mira-Bhayandar.
गड्ढे में डूबा मासूम (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Monsoon Accidents Pune Child Drowning: महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश के बीच अलग-अलग जिलों से दर्दनाक हादसों की खबरें सामने आई हैं। पुणे जिले के हवेली तालुका स्थित कदमवाकबस्ती के इंदिरानगर इलाके में घर के सामने खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भर जाने से दो वर्षीय सोहम कसबे की डूबकर मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज

लोणी कालभोर पुलिस के अनुसार, जल निकासी के लिए इलाके में बड़ा गड्ढा खोदा गया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद ठेकेदार ने वहां सुरक्षा घेरा, बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया। सोहम की मां शिल्पा कसबे की शिकायत पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

नायगांव में करंट लगने से हेल्पर की मौत

उधर, नायगांव (पूर्व) में सड़क किनारे लगे ट्रांसफॉर्मर के केबल से करंट लगने से एक हेल्पर की मौत हो गई। मृतक की पहचान ज्ञानसागर महाजन मिश्रा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह बिजली के संपर्क में आने से गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

महाराष्ट्र पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मीरा-भायंदर में पेड़ गिरने से युवक की जान गई

मीरा-भायंदर में तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण नारियल का पेड़ गिरने से 35 वर्षीय राहुल पाटिल की मौत हो गई। राहुल पूर्व उपमहापौर अशोक पाटिल के बेटे थे। सदानंदनगर इलाके में वह मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी अचानक पेड़ उनकी बाइक पर गिर पड़ा। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बरसात के दौरान सतर्क रहने की अपील

लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। खुले गड्ढों, जलभराव वाले क्षेत्रों, बिजली के खंभों और ट्रांसफॉर्मरों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं, स्थानीय प्रशासन से भी सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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