पुणे ग्रैंड-2 साइकिल रेस 2027 की तैयारियां तेज, सितंबर तक सड़क खुदाई का काम पूरा करने का जिला प्रशासन का आदेश

Maharashtra Sports News: पुणे ग्रैंड-2 साइकिल रेस 2027 के लिए जिला प्रशासन सख्त है। सड़कों की विश्वस्तरीय गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए सितंबर 2026 के बाद नई खुदाई पर रोक रहेगी।
Pune administration gears up for Pune Grand-2 Cycling Race 2027। Strict orders issued to PMC and PCMC to complete all road digging works by September for safety।
पुणे ग्रैंड-2 साइकिल रेस (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Updated on

Pune Grand 2 Cycling Race 2027: वर्ष 2027 में पुणे में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय 'पुणे ग्रैंड-2 साइकिल रेस' प्रतियोगिता को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार प्रतियोगिता के मार्ग पर सड़कों की विश्वस्तरीय गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एक बेहद कड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रहा है। इसके तहत पुणे (पीएमसी) और पिंपरी-चिंचवड़ (पीसीएमसी) महानगर पालिका क्षेत्र में सभी तरह की सड़क खुदाई के कामों को सितंबर से पहले अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

इसके बाद प्रतियोगिता के समापन तक किसी भी नई खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन जल्द ही दोनों महानगर पालिकाओं को एक आधिकारिक पत्र भेजने जा रहा है। जनवरी 2026 में आयोजित पहली अंतरराष्ट्रीय पुणे ग्रैंड साइकिल रेस को देश-विदेश से मिली शानदार सफलता और उत्साहजनक

रिस्पांस के बाद अब 'पुणे ग्रैंड-2' को और अधिक भव्य तथा व्यापक स्वरूप में आयोजित करने की योजना है। पहली प्रतियोगिता जहां तीन चरणों में कुल 437 किलोमीटर की दूरी तक सीमित थी, वहीं 2027 में दूसरी प्रतियोगिता छह चरणों में आयोजित की जाएगी और इसकी कुल लंबाई बढ़कर 1,072 किलोमीटर होगी।

प्रतियोगिता का दायरा हुआ दोगुना से अधिक

जिला प्रशासन इस बार बेहद सख्त रुख अपना रहा है। चूंकि इस बार प्रतियोगिता का दायरा दोगुना से भी अधिक बड़ा है, जिसमें मौजूदा तीन चरणों की दूरी बढ़ाने के साथ-साथ तीन नए रूट भी शामिल किए गए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय रेस पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों, बस्तियों तथा प्रमुख चौकों से होकर गुजरेगी, इसलिए सड़कों को पूरी तरह से गड्ढामुक्त और सुरक्षित रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है।

पिछली गलतियों से लिया सबक

पहली पुणे ग्रैंड प्रतियोगिता के दौरान पीडब्ल्यूडी, पीएमआरडीए और दोनों महानगर पालिकाओं के माध्यम से 437 किलोमीटर लंबी सड़कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया गया था। लेकिन प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद कई नए मार्गों पर विभिन्न यूटिलिटी एजेंसियों द्वारा दोबारा खुदाई कर दी गई, जिससे सड़कों की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हुई, कई स्थानों पर अनियोजित सड़क खुदाई होने से संबंधित ठेकेदारों की रखरखाव संबंधी पांच साल की जिम्मेदारी भी तकनीकी रूप से समाप्त हो गई है।

प्रस्तावित छह चरणों का विवरण इस प्रकार है

स्टेज-1: लेडीज क्लब से नांदेड सिटी, दूरी: 177 किमी, मार्ग: 76 गांवों एवं प्रमुख चौकों से होकर गुजरेगी सड़क

स्टेज-2: बारामती से सासवड, दूरी 174 किमी, मार्ग: 40 गांवों से होकर जाएगी सड़क

स्टेज-3: जुन्नर से राजगुरूनगर, दूरी: 152 किमी, मार्ग 51 गांवों से होकर बनेगा रूट

स्टेज-4 आलंदी से लोणावला, दूरी: 183 किमी, मार्ग 72 गांवों से जाएंगे साइकलिस्ट

स्टेज-5: लोनावला से हिंजवडी, दूरी: 202 किमी, मार्ग 71 गांवों से होकर जाएगा मार्ग

स्टेज-6: पिंपरी-चिंचवड़ से पुणे, दूरी: 210 किमी, मार्ग: 221 से अधिक गांवों, बस्तियों और प्रमुख चौकों से होकर जाएंगे प्रतिभागी

पुणे, पिपरी-चिचवड़ और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतियोगिता के लिए सड़क सुधार कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। हम दोनों महानगर पालिकाओं से अनुरोध करेंगे कि विभिन्न यूटिलिटी एजेंसियों द्वारा किए जाने वाले सभी सड़क खुदाई कार्य सितंबर 2026 से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाए। इस संबंध में औपचारिक पत्र भी भेजा जा रहा है ताकि प्रतियोगिता के लिए तैयार की जाने वाली सड़कों की गुणवत्ता, सुगमता और साइकिल चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

- जितेंद्र डूडी, जिलाधिकारी, पुणे।

Navbharat Live
navbharatlive.com