पुणे के लिए 4.65 लाख करोड़ की वार्षिक ऋण योजना जारी, MSME को 95,500 करोड़, KCC के लिए 7,300 करोड़ का प्रावधान

Pune Annual Credit Plan: पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹4.65 लाख करोड़ की वार्षिक ऋण योजना जारी की। इसमें MSME और कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
Pune Collector Jitendra Dudi released a ₹4.65 lakh crore annual credit plan for FY 2026-27, prioritizing MSMEs with ₹95,500 cr and KCC with ₹7,300 cr.
जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Annual Credit Plan Jitendra Dudi Collector: पुणे जिले के सतत और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4.65 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना जारी की गई है। सोमवार को आयोजित जिला सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर एवं समिति के अध्यक्ष जितेंद्र डूडी ने इस महत्वाकांक्षी योजना का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह योजना कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधारभूत संरचना और स्वरोजगार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

किसानों और एमएसएमई क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता

नई ऋण योजना में किसानों और उद्योगों के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए 7,300 करोड़ रुपये, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए 95,500 करोड़ रुपये तथा कृषि से जुड़े पूरक व्यवसायों के लिए 15,400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान रखा गया है। इससे कृषि और ग्रामीण उद्यमों को वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पिछले वर्ष लक्ष्य से बेहतर रहा प्रदर्शन

बैठक में बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में पुणे जिले ने वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य का 116 प्रतिशत हासिल किया था। वहीं जिला परिषद के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को 514 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जिससे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिला।

किसानों और युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने सभी बैंकों को केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल ऋण शिविरों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने पर भी विशेष जोर दिया।

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