

Dimbhe Dam Ghode River Discharge: पुणे जिले के आंबेगांव तहसील स्थित हुतात्मा चाबू गेनू सागर (डिंभे) बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का जोर फिर बढ़ गया है। लगातार बारिश के चलते बांध में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जलसंपदा विभाग ने बांध के स्पिलवे (सांडवा) और सिंचाई गेट के माध्यम से कुल 3,250 क्यूसेक पानी घोड नदी में छोड़ना शुरू कर दिया है।
जलस्तर और आवक की स्थिति को देखते हुए पानी का विसर्ग नियंत्रित तरीके से किया जा रहा है। प्रशासन ने घोड नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीणों और नागरिकों से सतर्क रहने तथा नदी के पात्र और जलग्रहण क्षेत्र में नहीं जाने की अपील की है।
जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त को सुबह करीब 10 बजे बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण डिंभे पावर हाउस के माध्यम से छोड़ा जा रहा 550 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बंद करना पड़ा। इसके बाद पानी के विसर्ग को बनाए रखने के लिए सिंचाई गेट के जरिए 550 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू किया गया। इस तरह बांध से पानी छोड़ने की प्रक्रिया को वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से जारी रखा गया।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार बांध के स्पिलवे (सांडवा) से 2,700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पावर हाउस से 550 क्यूसेक का निर्धारित डिस्चार्ज बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण बंद है, जबकि उसके स्थान पर सिंचाई गेट से 550 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह बांध से कुल 3,250 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।
बांध से छोड़े जा रहे पानी में से करीब 3,100 क्यूसेक पानी घोड नदी के पात्र में छोड़ने की तैयारी की गई है। इसके अलावा दाहिनी नहर में 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा।
इस प्रकार कुल 3,250 क्यूसेक पानी के विसर्ग को नदी और नहर के माध्यम से नियंत्रित तरीके से आगे भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
- उप अभियंता सिवाई विभाग, दत्तात्रय कोकणे
पिछले कुछ दिनों से डिंभे बांध के कैचमेंट क्षेत्र में बारिश तेज होने के कारण बांध में पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए बांध प्रशासन की ओर से पानी के विसर्ग पर नजर रखी जा रही है। जलसंपदा विभाग के अनुसार, बांध में पानी की आवक और जलस्तर की स्थिति के आधार पर आगे पानी छोड़ने की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
बांध से पानी छोड़े जाने के कारण घोड नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और अन्य नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घोड नदी के पात्र, किनारे और जलग्रहण क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न जाएं। विशेष रूप से बच्चों और पशुओं को नदी के आसपास जाने से रोकने की सलाह दी गई है।